देहरादून के राजपुर रोड स्थित 186 साल पुराना ऐतिहासिक राष्ट्रपति आशियाना अप्रैल 2025 से आम जनता के लिए खोला जाएगा। यह पहल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्देश पर की जा रही है। शनिवार को राष्ट्रपति सचिवालय के अधिकारियों और उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक उच्च स्तरीय बैठक में जनता के लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।

राष्ट्रपति आशियाना: एक विरासत का हिस्सा
21 एकड़ में फैला यह ऐतिहासिक परिसर भारतीय सेना की प्रतिष्ठित राष्ट्रपति बॉडीगार्ड (पीबीजी) रेजिमेंट का मुख्यालय रहा है। इसकी स्थापना 1838 में गवर्नर जनरल के अंगरक्षक के रूप में की गई थी। यह पहली बार होगा जब पीबीजी की उपस्थिति वाले किसी राष्ट्रपति भवन को आम जनता के लिए खोला जाएगा।
आगंतुकों को आशियाना परिसर के मुख्य भवन में प्रवेश मिलेगा, जहां वे पीबीजी रेजिमेंट की 251 साल पुरानी समृद्ध विरासत और 186 साल पुराने अस्तबल के इतिहास से रूबरू हो सकेंगे। परिसर में सुंदर बागानों, कैफेटेरिया और विस्तृत पार्किंग की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, जिससे यह अनुभव और भी खास बनेगा।
परिसर के लिए विशेष तैयारियां
राष्ट्रपति सचिवालय के अपर सचिव डॉ. राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में बिजली, पानी और पार्किंग जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। उत्तराखंड शासन के सचिव शैलेश बगोली, सचिन कर्वे, पंकज कुमार पांडे और देहरादून के डीएम सविन बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित रहे।
एक ऐतिहासिक पहल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के देशभर में राष्ट्रपति संपत्तियों को जनता के लिए सुलभ बनाने की पहल का यह हिस्सा है। इससे पहले, हैदराबाद स्थित राष्ट्रपति निलयम और मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास को भी जनता के लिए खोला गया था। अब देहरादून का यह ऐतिहासिक आशियाना भी आम लोगों के लिए खुल जाएगा, जिससे वे न केवल राष्ट्रपति आशियाना की ऐतिहासिक भव्यता का आनंद ले सकेंगे, बल्कि भारतीय सेना की गौरवशाली रेजिमेंट पीबीजी के इतिहास को भी करीब से समझने का अवसर प्राप्त करेंगे।



