देहरादून: उत्तराखंड में “ऑपरेशन सिंदूर” की लोकप्रियता का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपना लिया है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (साइबर) ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि साइबर ठग सेना और सशस्त्र बलों के नाम पर झूठे संदेश और लिंक भेजकर लोगों से ठगी की कोशिश कर रहे हैं।
संदेश और लिंक के ज़रिए चंदा मांगने की साजिश
उत्तराखंड पुलिस की साइबर स्पेशल टास्क फोर्स के अनुसार, ये ठग सोशल मीडिया, कॉल और मैसेज के जरिए ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर चंदा मांगते हैं। इसके अलावा ये अज्ञात फाइलें और संदिग्ध लिंक भेजकर लोगों के मोबाइल और कंप्यूटर में वायरस फैला रहे हैं। इन फाइलों से सिस्टम हैक हो सकता है और डाटा अपराधियों के हाथों में जा सकता है।
अधिकारियों की चेतावनी
सीओ (साइबर) हल्द्वानी सुमित पांडे ने बताया कि कोई भी सरकारी संस्था, सेना या अर्धसैनिक बल आम जनता से सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए चंदा नहीं मांगते हैं। इसलिए किसी भी अज्ञात लिंक, फाइल या एपीके को न खोलें और न डाउनलोड करें।
डिप्टी एसपी अंकुश मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक उत्तराखंड में साइबर अपराधियों द्वारा 90 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है। पुलिस ने त्वरित शिकायतों पर कुछ मामलों में धनराशि को रोका या वापस भी कराया है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों पर रोक के लिए जनता को जागरूक करना बेहद जरूरी है।
एसटीएफ की अपील
राज्य के सभी जिलों में पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे साइबर जागरूकता अभियान को तेज करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज की सूचना तुरंत साइबर सेल को दें।


