मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चमोली जिले के थराली में अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा था कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों और जनहित के कार्यों के प्रति लापरवाह या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसी संकल्प को धरातल पर उतारते हुए सीएम धामी ने नैनीताल पहुंचकर एक अधीक्षण अभियंता को निलंबित कर दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल में कुमाऊं मंडल स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जल जीवन मिशन में हो रही देरी का मुद्दा उठा। जब मुख्यमंत्री ने काशीपुर परियोजना में देरी का कारण पूछा, तो जिलाधिकारी ने बताया कि अधीक्षण अभियंता शिवम द्विवेदी आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, जिससे परियोजना प्रभावित हो रही है। इस पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और अभियंता शिवम द्विवेदी को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आपसी समन्वय से काम करना होगा। उन्होंने जनता दरबार और चौपाल के माध्यम से जन समस्याओं को सीधे सुनने और समाधान की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर देते हुए बताया कि इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1064 सक्रिय किया गया है। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में मौजूद रहें, जिससे आम जनता उनसे मिल सके।
इस बैठक में जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुनर्वास पैकेज को मंजूरी मिल चुकी है और मास्टर प्लानिंग पूरी हो गई है। मानसून से पहले मुख्य बांध निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जो उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों के लिए सिंचाई के क्षेत्र में फायदेमंद होगा।


