मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 में छह माह से अधिक समय से लंबित शिकायतों के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन को राज्य की “बेस्ट प्रैक्टिस” बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं और शिकायतों को जबरन ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए।

गुरुवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि एक दिन पूरे प्रदेश में तहसील दिवस और एक दिन थाना दिवस का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाएगा, जिसमें वे स्वयं किसी एक जनपद में औचक रूप से शामिल होंगे।
जनसुनवाई को मिलेगा बढ़ावा, होंगे विशेष अभियान


मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को जनता दर्शन, तहसील दिवस और बीडीसी बैठकों का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पुलिस और प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने व वेरिफिकेशन जैसे अभियानों को और प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश भी दिए। हर जनपद में दो-दो गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए तेजी से कार्य शुरू करने के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
बिजली की खराब व्यवस्था पर सख्त निर्देश


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहां कहीं भी ट्रांसफार्मर या बिजली के पोल खराब स्थिति में हैं, उन्हें तत्काल बदला जाए और सभी ट्रांसफार्मरों का सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कम वोल्टेज, लटके हुए तार जैसी समस्याओं पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
टीबी मुक्त जनपदों को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में सबसे पहले टीबी मुक्त घोषित होने वाले तीन जनपदों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
शिकायत निस्तारण में सराहना और फटकार दोनों
सीएम हेल्पलाइन में बेहतर प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री ने परिवहन, कृषि, समाज कल्याण, आबकारी और ऊर्जा विभाग की सराहना की। वहीं लोक निर्माण, भू-विज्ञान एवं खनन, राजस्व, गृह एवं वित्त विभागों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन में सबसे अधिक शिकायतें पेयजल, स्ट्रीट लाइट, जल जीवन मिशन के कनेक्शन, बिजली कटौती और बिल से संबंधित हैं।
शिकायतकर्ताओं से की सीधी बातचीत
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद भी किया। उत्तरकाशी के उपेंद्र सिंह रावत की पेयजल लाइन की समस्या के लिए डीएम को एक सप्ताह के भीतर समाधान के निर्देश दिए। हरिद्वार के आलम, देहरादून के हृदेश नेगी, चमोली के गौरव नौटियाल और नैनीताल के देवेंद्र की शिकायतों का समाधान हो चुका है।
बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ सहित सचिवगण, विभिन्न विभागाध्यक्ष और सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।



