मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के सीमांत जिलों में सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार के लिए ‘सीमांत क्षेत्र विकास परिषद’ का गठन करेगी। इसके साथ ही सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण के लिए नवाचार केंद्र (Innovation Centres) स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा बुधवार को रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी में आयोजित ‘चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव’ के शुभारंभ अवसर पर की। इस कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (U-COST) की ओर से किया गया था।
🏔️ सीमांत क्षेत्रों के लिए नई पहल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि बनने वाली सीमांत विकास परिषद इन क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे में सुधार और सेवाओं के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगी।
सीमांत जिलों में स्थापित होने वाले नवाचार केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं और छात्रों को आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशिक्षण और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
👩🔬 बाल वैज्ञानिकों से संवाद
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों से जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और ऊर्जा संरक्षण जैसे विषयों पर संवाद किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सीमांत जिलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नई दिशा और अवसर प्रदान करेंगे।
🧠 नवाचार और आत्मनिर्भर भारत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी बनाई जा रही है, जो पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।
🔹 मुख्य बिंदु
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सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए ‘सीमांत क्षेत्र विकास परिषद’ का गठन किया जाएगा।
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सीमांत जिलों में आपदा, स्वास्थ्य और शिक्षा केंद्रित नवाचार केंद्र स्थापित होंगे।
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बाल वैज्ञानिकों के साथ विज्ञान, पर्यावरण और तकनीकी विषयों पर मुख्यमंत्री ने की चर्चा।
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देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य प्रगति पर है।



