spot_img

उत्तराखंड आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में जीएसडीपी बढ़ाने के सुझाव, एक क्लिक में जानिये

उत्तराखंड आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में कुछ सेक्टर में गवर्नमेंट एक्सपेंडिचर को बढ़ाने पर जोर दिया गया है.

देहरादून: हर साल विधानसभा बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार की ओर से वर्तमान वित्तीय वर्ष का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाता है. जिसके तहत सदन की कार्रवाई के दौरान आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाती है. जिसमें राज्य की जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय, कर्ज में तमाम विभागों की स्थिति का ब्यौरा समाहित होता है.

इसी क्रम में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में राज्य सरकार को तमाम सुझाव भी दिए जाते हैं. इसी क्रम में आगामी विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन में पेश होने वाले आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26 में तमाम सुझाव भी दिए गए हैं. जिसके तहत, अगर कुछ सेक्टर में राज्य सरकार गवर्नमेंट एक्सपेंडिचर को बढ़ाती है. उससे जीएसडीपी ग्रोथ दर बढ़ने की संभावना है.

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में जीएसडीपी बढ़ाने के सुझाव (ETV Bharat)
नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी दर से होने की संभावना है. वर्तमान वित्तीय वर्ष में जीएसडीपी में सेक्टर वाइस शेयर की बात करे तो सबसे अधिक शेयर मेन्यूफेक्चरिंग सेक्टर है. जीएसडीपी में मेन्यूफेक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी 26.2 फीसदी, ट्रेड होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स की हिस्सेदारी 18.8 फीसदी और कंस्ट्रक्शन सेक्टर का 10.6 फीसदी है.

उन्होंने बताया आगामी वित्तीय वर्ष में जीएसडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी दर से होने की उम्मीद है. अगर गवर्नमेंट एक्सपेंडिचर को कुछ सेक्टर में बढ़ाया जाता है. जीएसडीपी ग्रोथ दर बढ़ सकती है. इसको लेकर आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में सुझाव भी दिए गए हैं.

दरअसल, वित्तीय वर्ष 2025-26 में फिस्कल डेफिसिट, कुल जीएसडीपी का 3.3 फीसदी था. इसी तरह पब्लिक डेट यानी राज्य का कर्ज कुल जीएसडीपी का 27.9 फीसदी रहा है. ऐसे में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में फिस्कल डेफिसिट, कुल जीएसडीपी का 3.2 फीसदी और पब्लिक डेट यानी राज्य का कर्ज कुल जीएसडीपी का 28.6 फीसदी रहने की संभावना है. ऐसे में अगर आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में गवर्नमेंट एक्सपेंडिचर के लिए जो सुझाव दिए गए हैं अगर उसे धरातल पर उतर जाता है तो फिस्कल डेफिसिट, कुल जीएसडीपी का 4.8 फीसदी और पब्लिक डेट यानी राज्य का कर्ज जीएसडीपी का 28.6 फीसदी रहने की संभावना है.

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में तमाम तरह के सुझाव दिए गए हैं. जिसके तहत गवर्नमेंट एक्सपेंडिचर को ज्ञान यानि गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के क्षेत्र में बढ़ाना चाहिए. इसके लिए फोकस क्षेत्र टूरिज्म और इंफ्रास्ट्रक्चर है. ऐसे में अगर आगामी वित्तीय वर्ष में करीब 10,000 करोड़ रुपए की गवर्नमेंट एक्सपेंडिचर इन क्षेत्रों में बढ़ाते हैं, तो जीएसडीपी ग्रोथ दर 13.6 फीसदी को छू सकती है.

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में गवर्नमेंट एक्सपेंडिचर से संबंधित दिए गए सुझाव

ऑल वेदर रोड को उन ग्रामीण गांवों से जोड़ा जाए जहां रोड कनेक्टिविटी नहीं है.
सेकेंडरी एजुकेशन तक एजुकेशन को यूनिवर्सलाइज्ड करना.
सेकेंडरी और हाइयर सेकेंडरी क्लासेज में व्यवसायिक शिक्षा देना.
20 आईटीआई को एक साल में अपग्रेड करना.
एग्रिकल्चर में हाई वैल्यू क्रॉप्स यानी सेब, कीवी, मिलेट्स, एरोमेटिक पर अच्छा बजट रखना चाहिए.
वेलफेयर स्पेंडिंग बाई द स्टेट के क्षेत्र में बजट बढ़ाना चाहिए.
टूरिज्म, इंफ्रास्ट्रक्चर और अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जो देने की जरूरत.
अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर में विशेष रूप से ड्रिंकिंग वॉटर, सैनिटेशन ऑफ हाउसिंग में ध्यान देने की जरूरत है.
प्रदेश के नॉन‑डेट कैपिटल रिसीप्ट्स यानी गैर‑ऋण सर्जक पूँजीगत प्राप्तियों को बढ़ाना है. उसके लिए मोनेटाइजेशन का असेट्स का सुझाव दिया गया है.
टूरिस्ट सेक्टर में इको टूरिज्म और वैलनेस टूरिज्म को आगे ले जाना है.
कृषिकरण को बढ़ावा देने के लिए लैंड टीलिंग लॉस को चेंज करना, पुरुष के साथ महिला को भी जमीन का मालिकाना हक, एग्रीकल्चर में रिसर्च और डेवलेपमेंट के लिए गवर्नमेंट एक्सपेंडिचर को बढ़ाना करना चाहिए.
इरिगेशन (सिंचाई) और फ्लड कंट्रोल (बाढ़ नियंत्रण) में निवेश बढ़ाना चाहिए.
प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की जरूरत है.
किसानों को रिस्किलिंग और अपस्किलिंग करने की जरूरत है.
वेलफेयर स्पेंडिंग में केरला जैसे राज्यों में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए अप्रोप्रिएट इंटरवेंशन करना है.
आंगनबाड़ी सेक्टर और सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में न्यूट्रीशन क्वालिटी को और अधिक बढ़ाया जाए.
अन ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स को बढ़ाया जाये. जिसमें पेंशन और हेल्थ बेनिफिट्स शामिल हैं.
महिलाओं और बुजुर्गों को सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर के लिए सपोर्ट दिया जाये.

spot_img

Related Articles

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Latest Articles