नगरासू गुरुद्वारा विवाद सुलझा, चौथे दिन नीचे उतरने को तैयार हुए निहंग, पंजाब से आए डेलिगेशन से की बात

पंजाब से आया निहंग सिखों का दल आखिरकार नगरासू गुरुद्वारा की छत पर चढ़े निहंग सिखों का मानने में कामयाब हो गया.

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बदरीनाथ हाईवे पर स्थित नगरासू गुरुद्वारा की छत पर चढ़े पांचों निहंग सिख आखिरकार मान गए हैं. अब वो नीचे उतरने को तैयार हैं. आज ही पंजाब से निहंग सिखों का दल नगरासू गुरुद्वारा पहुंचा था, जिन्होंने गुरुद्वारा की छत पर चढ़े पांचों निहंग सिखों से बात की. इसके बाद छत पर चढ़े सभी निहंग सिख नीचे उतरने को तैयार हो गए. फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुद्वारे के बाहर सिक्योरिटी फोर्स तैनात है.

वहीं कर्णप्रयाग निहंग सिख विवाद मामले पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) के प्रेसिडेंट हरमीत सिंह कालका का भी बयान आया है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी का एक डेलीगेशन उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी से मिला. हमने 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई घटना पर बातचीत की. वह हर चीज़ को सीरियसली मॉनिटर कर रहे हैं और उन्होंने हमारी बात सुनी.

DGP ने कल जो एक्शन अनाउंस किया था, उसकी जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है. हमें भरोसा है कि जल्द से जल्द एक्शन लिया जाएगा और वह क्रॉस FIRs पर भी एक्शन लेंगे. हमें यह भी भरोसा दिलाया गया है कि जिन पुलिस अधिकारियों ने युवक के साथ मारपीट की, उनसे पूछताछ की जाएगी और एक्शन लिया जाएगा.

-हरमीत सिंह कालका, प्रेसिडेंट, DSGMC-

पूरा मामला जानिए: दरअसल, निहंग सिखों का एक दल 20 जून की शाम को नगरासू गुरुद्वारे पहुंचा था. वहां निहंग सिखों ने काफी हंगामा किया था. हंगामे के बाद पुलिस को बुला लिया गया था. पुलिस के आते ही हंगामा कर रहा निहंग सिखों का दल नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए थे. इस दौरान निहंग सिखों ने गुरुद्वारे के दो सेवादारों की बंधक बना लिया था. हालांकि उन्हें बाद में छोड़ दिया था, लेकिन निहंग सिख गुरुद्वारे की छत पर डटे हुए थे.

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरासू गुरुद्वारे के बाहर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ आईटीबीपी की तैनात कर दी गई थी. वहीं पुलिस-प्रशासन के काफी समझाने के बाद दो निहंग सिख नीचे आ गए थे, जिन्होंने रुद्रप्रयाग प्रशासन से माफी मांगी. इसके बाद रुद्रप्रयाग प्रशासन ने उन्हें अपने घर भेज दिया था. हालांकि इसके बाद दो निहंग सिख खाना लेने नीचे आए थे, जिनमें एक को भी पुलिस ने पकड़ लिया था. अभी भी पांच निहंगों का गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर कब्जा था, जिनसे मिलने के लिए पंजाब से डेलिगेशन आया है. बताया जा रहा है कि पंजाब से आए दल की बातचीत कामयाब रही है.

कर्णप्रयाग विवाद से गुस्से में है निहंग सिख: बताया जा रहा है, जिन निहंग सिखों ने नगरासू गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर कब्जा कर रखा है, वो कर्णप्रयाग विवाद से गुस्से में है. दरअसर, बीती 16 जून को बाइक सवार कुछ निहंग सिख बाइकों से हेमकुंड साहिब के दर्शन कर लौटे रहे थे, तभी उनका कर्णप्रयाग में किसी बात को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था. बताया जा रहा है कि बात मारपीट तक पहुंच गई थी.

इस दौरान एक निहंग सिख ने तलवार चला दी थी, जिससे कई लोग घायल हो गए थे. इस मामले में पुलिस ने तीन निहंग सिखों को गिरफ्तार भी किया था. तभी से इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो रखा है. नगरासू गुरुद्वारे में मौजूद निहंग सिखों ने भी कर्णप्रयाग विवाद में गिरफ्तार निहंग सिखों को छोड़ने की मांग थी, जिससे ये विवाद और बढ़ गया था. नगरासू गुरुद्वारे विवाद पर पंजाब के सीएम भगवंत मान भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर चुके हैं.

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