नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे शहजाद पूनावाला को लेकर शुक्रवार को सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पूनावाला ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंपा है। रिपोर्टों में इस्तीफे के पीछे निजी कारण बताए गए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक भाजपा या पूनावाला की ओर से इस्तीफे को लेकर विस्तृत आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई थी।
इसी बीच पूनावाला ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) प्रोफाइल के बायो में भाजपा से जुड़ी पहचान हटा दी है। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना समर्थन बरकरार रखते हुए खुद को उनका ‘जीवनभर का समर्थक’ बताया है। बायो में हुए इस बदलाव के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
2017 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे पूनावाला
शहजाद पूनावाला का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया को लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे और इसके बाद पार्टी से अलग हो गए थे।
इसके बाद वह भाजपा में शामिल हुए और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए। टीवी डिबेट्स, प्रेस बयानों और सोशल मीडिया पर वह भाजपा का पक्ष मजबूती से रखते रहे हैं।
टीवी डिबेट्स में कांग्रेस पर तीखे हमलों के लिए रहे चर्चित
पूनावाला भाजपा के उन प्रवक्ताओं में रहे हैं, जो टेलीविजन डिबेट्स में पार्टी का पक्ष आक्रामक तरीके से रखते रहे हैं। कांग्रेस और विपक्षी नेताओं पर उनके बयान अक्सर राजनीतिक चर्चा का विषय बने।
सोशल मीडिया पर भी वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के समर्थन में लगातार पोस्ट करते रहे हैं। हाल के दिनों में भी वह विपक्षी दलों के खिलाफ भाजपा का पक्ष रखते नजर आए हैं। उदाहरण के तौर पर जुलाई में उन्होंने एक राजनीतिक विवाद के दौरान विपक्षी समूह पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी।
X बायो में बदलाव ने बढ़ाई चर्चा
पूनावाला के X प्रोफाइल में हालिया बदलाव को उनके राजनीतिक भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने अपने बायो से भाजपा का उल्लेख हटा दिया है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थन का उल्लेख कायम रखा है।
यही वजह है कि इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या पूनावाला भाजपा से औपचारिक रूप से अलग हो चुके हैं या आगे कोई नई राजनीतिक भूमिका सामने आएगी। फिलहाल उनके अगले कदम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इस्तीफे के पीछे बताया जा रहा निजी कारण
मीडिया रिपोर्टों में पूनावाला के इस्तीफे के पीछे निजी कारण बताए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है जिसमें उन्होंने भाजपा छोड़ने के पीछे किसी राजनीतिक मतभेद या विवाद को कारण बताया हो। इसलिए इस्तीफे की वजह को लेकर फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
भाजपा की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
शहजाद पूनावाला के इस्तीफे की खबर के बीच अभी भाजपा की ओर से इस घटनाक्रम पर औपचारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में उनके इस्तीफे की स्थिति और आगे की राजनीतिक भूमिका को लेकर तस्वीर आधिकारिक बयान के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।
पूनावाला लंबे समय तक भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर पार्टी की सार्वजनिक राजनीतिक रणनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं। ऐसे में अगर उनके पार्टी छोड़ने की खबर की औपचारिक पुष्टि होती है तो यह भाजपा के मीडिया और राजनीतिक संचार तंत्र में एक उल्लेखनीय बदलाव माना जाएगा।
कांग्रेस से भाजपा तक और अब इस्तीफे की चर्चा
शहजाद पूनावाला ने 2017 में कांग्रेस से अलग होकर भाजपा का दामन थामा था और इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के प्रमुख प्रवक्ताओं में अपनी पहचान बनाई। अब करीब नौ साल बाद उनके भाजपा छोड़ने की खबर ने एक बार फिर उनके राजनीतिक सफर को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि इस्तीफे की खबरें सामने आ चुकी हैं, लेकिन भाजपा या पूनावाला की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि और इस्तीफे की वजह को लेकर स्पष्ट बयान का इंतजार है।