मुख्यमंत्री ने विजयादशमी पर सरकारी भूमि खाली कराने, रोजगार देने, नकल रोकने और सुशासन के कदमों को रेखांकित किया।
देहरादून के परेड ग्राउंड में कार्यक्रम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में bannu biradari द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में विजयादशमी का संदेश देते हुए प्रदेश सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों को समाप्त करने का अवसर भी प्रदान करता है।
सरकारी भूमि खाली कराने, रोजगार देने और नकल रोकने के दावे
धामी ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया और बताया कि पिछले पाँच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियाँ दी गई हैं। नकल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संकल्प
मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के अवसर पर समाज को भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी बुराइयों के खिलाफ संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए केवल सरकार के प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी भी आवश्यक है।
धर्म के नाम पर धोखाधड़ी और समान नागरिक संहिता
धामी ने धर्म और आस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को सरकार के महत्वपूर्ण कदमों में शामिल बताया। उन्होंने सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू करने की भी जानकारी दी। साथ ही, समान नागरिक संहिता को भी सरकार की प्राथमिकता बताया।
सुशासन, निवेश और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने सुशासन के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को आवश्यक बताया। उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुँचाने के लिए सरकार काम कर रही है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसरों का विस्तार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राम के आदर्श और विकास का संदेश
धामी ने भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि शक्ति, संपत्ति और विशाल सेना होने के बावजूद अहंकार और मर्यादा का उल्लंघन रावण के पतन का कारण बना। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन त्याग, संयम, कर्तव्य और मर्यादा का उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम के आदर्शों को जीवन में अपनाते हुए न्याय, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
कार्यक्रम में मौजूदगी
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, bannu biradari के पदाधिकारी, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री का संदेश था कि राम के आदर्शों को अपनाकर न्याय, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा को प्राथमिकता दी जाए, ताकि प्रदेश का विकास सभी तक पहुँच सके।





