उत्तराखंड सरकार साहसिक पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई पहलें शुरू
मुख्यमंत्री की भागीदारी और विजेताओं का सम्मान
पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ जिले के गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन‑2.0 में हिस्सा लिया और 70 कि.मी. व 42 कि.मी. की दौड़ के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया। विभिन्न राज्यों से आए धावकों के उत्साहवर्धन के साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों के साहस की सराहना की।
सुरक्षा बलों की भूमिका
आयोजन के दौरान भारतीय सेना, भारत‑तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के सहयोग को प्रमुखता दी गई। मुख्यमंत्री ने इन बलों के अधिकारियों और जवानों को सम्मानित करते हुए कहा कि वे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ ऐसे कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
साहसिक पर्यटन की बढ़ती पहचान
2025 में आयोजित पहले संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने भाग लिया था। इस सफलता से आदि कैलाश क्षेत्र में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान मिली है। उसी वर्ष जारी इनर लाइन परमिट की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो क्षेत्र के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाती है।
स्थानीय रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को ‘पहला गांव’ बनाने के प्रयास जारी हैं। पर्यटन गतिविधियों के साथ साथ आधारभूत सुविधाओं के विकास से होमस्टे, गाइड, परिवहन, होटल और खानपान से जुड़े लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
साहसिक पर्यटन का विस्तार
उत्तराखंड की भौगोलिक विविधता को देखते हुए ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और एंगलिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। औली, मुनस्यारी, ऋषिकेश और टिहरी सहित कई क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन का विस्तार किया जा रहा है।
मई 2027 में 100 माइल्स अल्ट्रा रन की घोषणा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ आयोजित किया जाएगा। यह दौड़ लगभग 5,600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित माणा पास से शुरू होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुँचेगी। इस कार्यक्रम से देश‑विदेश के धावकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और हिमालयी भूगोल का अनुभव होगा तथा सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उपस्थित गणमान्य लोगों में उत्तराखंड राज्यमंत्री एवं जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष अशोक सिंह नबियाल, सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, भारतीय सेना, ITBP, SSB के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल थे।





