उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के वर्तमान सत्र के अंतिम दौर में सर्दियों की आहट के बावजूद गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं का आवागमन जारी है। अब तक इन दोनों धामों में पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या पंद्रह लाख को पार कर चुकी है। यमुनोत्री धाम में सात लाख से अधिक और गंगोत्री धाम में आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
10 मई को कपाटोद्घाटन के साथ शुरू हुई यह यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। परंपरा के अनुसार, गंगोत्री मंदिर के कपाट 2 नवंबर को अन्नकूट पर्व पर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट 3 नवंबर को भैयादूज के पर्व पर बंद होंगे। शीतकाल में गंगा जी और यमुनाजी की उत्सव मूर्तियाँ क्रमशः मुखवा और खरसाली गांव में विराजमान रहेंगी, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
इस वर्ष, पिछले वर्ष की तुलना में यात्रा का काल 30 दिन कम होने के बावजूद यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है। गत वर्ष गंगोत्री धाम की यात्रा 207 दिन और यमुनोत्री धाम की यात्रा 208 दिनों तक चली थी, जबकि इस वर्ष गंगोत्री धाम का यात्रा काल 177 दिन और यमुनोत्री धाम का 178 दिन होगा।
वर्तमान यात्राकाल में आज तक 1,501,563 श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त किया है, जिनमें यमुनोत्री धाम के 700,828 और गंगोत्री धाम के 800,735 तीर्थयात्री शामिल हैं। इस वर्ष दैनिक औसत के आधार पर तीर्थयात्रियों की संख्या 8,781 रही है, जो पिछले वर्ष की 7,907 से अधिक है।
यात्रा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाए।



