मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित 43वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF-2024) के ‘उत्तराखण्ड दिवस समारोह’ में भाग लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विभिन्न उत्पादों पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के महत्व पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग देश-विदेश में कहीं भी जाएं, वे अपनी संस्कृति, लोक परंपरा, खानपान और अपनत्व की भावना को हमेशा जीवित रखते हैं। उनके घरों में ऐपण और गंगा दशहरा जैसे संस्कृतिक प्रतीक हमेशा दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय मेला में हमारे राज्य की संस्कृति, हस्तशिल्प और समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने लाने का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने प्रवासियों से अपील की कि वे उत्तराखंड के विकास में योगदान करें। इस उद्देश्य के लिए उत्तराखंड प्रवासी परिषद के गठन का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है, और इस दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के 24 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य अब रजत जयंती के दौर में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने केदारनाथ से राज्य के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था, और राज्य सरकार उन शब्दों को धरातल पर उतार रही है। ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण और उड़ान योजना के तहत हेली सेवा के विकास से राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। राज्य की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं और दूसरों को रोजगार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वर्तमान में राज्य में एक लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा ने कहा कि राज्य निर्माण के उद्देश्य को मुख्यमंत्री धामी जी के नेतृत्व में पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड के उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
उद्योग सचिव श्री विनय शंकर पांडे ने बताया कि पिछले 7 दिनों में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की बिक्री 1 करोड़ 16 लाख रुपये तक हुई है, और हस्तशिल्पकारों को 2 करोड़ रुपये के आदेश मिले हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य की सशक्तीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों की जानकारी दी।
इस अवसर पर महानिदेशक उद्योग श्री प्रतीक जैन, स्थानिय आयुक्त श्री अजय मिश्रा, निदेशक संस्कृति विभाग श्रीमती बिना भट्ट, और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।



