हरिद्वार, सोमवार। महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को लेबर कॉलोनी, BHEL हरिद्वार में प्रदेश के प्रथम आंगनवाड़ी सह क्रेच केंद्र “पालना” का उद्घाटन किया। इस अवसर पर देवी का रूप धारण कर आई एक बालिका ने पहले पग रख कर इस केंद्र को पावन किया।


कार्यक्रम के दौरान रेखा आर्या ने “पालना” के बच्चों को पोषणयुक्त भोजन परोसते हुए केंद्र की सभी सुविधाओं का निरीक्षण किया। यह केंद्र मिशन शक्ति सामर्थ्य योजना के तहत केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कामकाजी महिलाओं के बच्चों को सभी सुविधाएं प्रदान करना है।

कार्यक्रम में भारत सरकार के संयुक्त सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, डॉ. प्रीतम बी. यशवंत ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया और उत्तराखंड की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मंत्री रेखा आर्या के प्रयासों की सराहना की।

रेखा आर्या ने कहा, “यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का नतीजा है कि आज कामकाजी महिलाएं बिना किसी परेशानी के अपने 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को ‘पालना’ केंद्र में छोड़कर अपना कार्य कर सकती हैं। यह योजना खासकर औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी।”

मंत्री ने यह भी बताया कि आंगनवाड़ी सह क्रेच केंद्र की मॉनिटरिंग सीधे भारत सरकार द्वारा की जा रही है, जिससे मजदूर वर्ग के बच्चों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित रहेगा और बच्चों को पौष्टिक भोजन, खेलने के खिलौने, तथा अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

रेखा आर्या ने कुपोषण मुक्त भारत की दिशा में “पालना” योजना को एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि निकट भविष्य में यह केंद्र पहाड़ी जनपदों में भी स्थापित किए जाएंगे। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक आदेश चौहान, निदेशक प्रशांत आर्या, सी.पी.ओ मोहित चौधरी, और महिला कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।



