मुख्यमंत्री ने ‘उपनिषदीय दर्शन बोध’ पुस्तक के लेखक को दी शुभकामनाएं, भारतीय दर्शन की महत्ता पर चर्चा

मुख्यमंत्री, पूर्व राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष ने उपनिषदों के गूढ़ रहस्यों को आम जनता तक पहुंचाने में लेखक की सराहना की

May be an image of 8 people, temple, dais and text

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने हाल ही में ‘उपनिषदीय दर्शन बोध’ पुस्तक के लेखक श्री प्रकाश सुमन ध्यानी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे भारतीय वैदिक दर्शन और सनातन संस्कृति के संवाहक के रूप में एक नई पहचान बना रहे हैं। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने उपनिषद के जटिल और गूढ़ रहस्यों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत किया है, जिससे आम जनमानस भी इन रहस्यों को समझ सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि उपनिषद भारतीय संस्कृति और दर्शन की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने संपूर्ण विश्व को ज्ञान और चेतना का मार्ग दिखाया है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज के दौर में जहां ज्ञान-विज्ञान निरंतर प्रगति कर रहा है, वहां उपनिषदों और वेदों का ज्ञान और भी प्रासंगिक हो गया है। जीवन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और भौतिकवाद के प्रभाव के बीच आत्मा और ब्रह्मा की खोज निश्चित रूप से हमें आत्मिक शांति और जीवन के सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगी। यह पुस्तक आत्म विकास, आत्म चिंतन और आत्म-खोज की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

May be an image of 2 people and dais

महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी ने भी श्री प्रकाश सुमन ध्यानी की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीवविज्ञान की पढ़ाई करने के बाद लेखक ने ‘उपनिषदीय दर्शन बोध’ पुस्तक लिखकर आध्यात्मिक ज्ञान को जनता तक पहुंचाया है, जो प्रशंसा योग्य है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के आध्यात्मिक ज्ञान की ओर आकर्षित हो रही है, और भारत का आध्यात्मिक इंटेलिजेंस उसकी विश्व प्रसिद्धि का कारण बन रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूरी भूषण ने भी लेखक की सराहना करते हुए कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने उपनिषदों और वेदों को आम जनता से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि हमारे प्राचीन ग्रंथ जीवन जीने की शैली और नैतिक मूल्यों का समृद्ध स्रोत हैं, और उन्हें 21वीं सदी की आवश्यकता के रूप में पुनः प्रस्तुत करना बहुत जरूरी है।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, भाजपा के जिलाध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, लेखक श्री प्रकाश सुमन ध्यानी और साहित्य से जुड़े कई अन्य लोग उपस्थित थे।

 

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Latest Articles

spot_img
posjp33 posjp33 posjp33