उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है और राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री समेत चारधाम और आसपास की चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। इसका असर निचले इलाकों में भी देखने को मिला, जहां ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।

मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के अधिकांश हिस्सों में आज भी आंशिक से लेकर पूर्ण रूप से बादल छाए रह सकते हैं। इसके साथ ही हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में और गिरावट हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में दो महीने बाद बारिश और बर्फबारी के आसार बने हैं। इससे पूरे प्रदेश में ठंड बढ़ने की संभावना है, और पहाड़ी क्षेत्रों में ठिठुरन और भी ज्यादा महसूस हो सकती है।

रविवार सुबह से ही पर्वतीय क्षेत्रों में बादल मंडराते रहे और दिनभर हल्की धूप के बीच हवाएं चलती रही, जिससे ठंड का अहसास हुआ। शाम होते-होते ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हर्षिल, लोखंडी, सुक्की टाप, औली समेत अन्य चोटियों पर बर्फबारी हुई। इसके परिणामस्वरूप, निचले क्षेत्रों में भी सर्द हवाएं चलने से कड़ाके की ठंड महसूस होने लगी।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की जानकारी मिली है और पारे में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना जताई जा रही है।



