पहली ही कोशिश में AFCAT परीक्षा पास कर वायु सेना में अधिकारी बनीं गार्गी, राज्य का नाम रोशन किया
उत्तराखंड की बेटियाँ आज हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और लगन से न सिर्फ सफलता प्राप्त कर रही हैं, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं। एक और उदाहरण पेश करते हुए, चमोली जनपद की गार्गी उनियाल ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग अफसर बनने का महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है।
गार्गी उनियाल का चयन भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग अफसर के पद पर हुआ है। अपने पहले प्रयास में ही उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) पास किया और भारतीय वायु सेना में ऑफिसर बनीं। इस सफलता के साथ ही गार्गी ने अपने परिवार और पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।
गार्गी उनियाल की शिक्षा जोशीमठ के केंद्रीय विद्यालय से हुई थी, जहाँ उन्होंने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2024 में गोविंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग कॉलेज, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। गार्गी ने दो बार सीडीएस (कॉम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज) परीक्षा भी पास की थी, जो उनके समर्पण और मेहनत को दर्शाता है।
गार्गी की सफलता ने उनके परिजनों को बेहद खुश किया है। उनके पिता, दिनेश उनियाल, साहसी खेल के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, और माता एक कुशल गृहिणी हैं। गार्गी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और अपने गुरुजनों को दिया है।
उनकी इस विशेष उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरे चमोली जिले और उत्तराखंड प्रदेश में खुशी का माहौल बना हुआ है। गार्गी उनियाल की यह सफलता अन्य लड़कियों के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरी है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।



