नवरात्र के पहले दिन 30 मार्च को मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने बताया कि 29 मार्च की रात से लेकर अब तक लगभग 25 से 30 हजार श्रद्धालु देवी दर्शन कर चुके हैं, और मेला क्षेत्र में अभी भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
इसी बीच, तीर्थयात्रियों और वाहनों की भारी भीड़ के कारण पूर्णागिरि मार्ग पर स्थित ठुलीगाड़-भैरव मंदिर सड़क पर तीन घंटे से अधिक समय तक जाम लगा रहा। इस दौरान वाहन तो फंसे ही रहे, बल्कि पैदल आवाजाही भी प्रभावित हुई। मंदिर समिति के अनुसार, जाम की स्थिति के कारण आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई थी।
इसके बाद पुलिस और पूर्णागिरि मंदिर समिति के प्रयासों से धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी। हालांकि, इस बीच ठुलीगाड़-भैरव मंदिर सड़क पर वाहनों की आवाजाही को फिलहाल रोक दिया गया है। पुलिस और मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं को पैदल ही मार्ग पर भेजने का निर्णय लिया है।
नवरात्रि के पहले दिन और रविवार होने के कारण रात से ही तीर्थयात्रियों का सैलाब उमड़ पड़ा था। मंदिर समिति के राजू तिवारी के अनुसार, रविवार सुबह से ही हनुमानचट्टी के पास ठुलीगाड़-भैरव मंदिर सड़क पर जाम की स्थिति थी, जिससे दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी। यहां तक कि पैदल यात्रा भी रुक गई थी। बाद में पुलिस और मंदिर समिति के सहयोग से स्थिति सुबह 10 बजे के बाद सामान्य हुई।
मंदिर समिति के उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, मनोज पांडेय, विपिन तिवारी, राज तिवारी सहित कई पुजारियों ने भी आवाजाही को सुचारू करने में सहयोग किया। पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के कारण ठुलीगाड़-भैरव मंदिर सड़क पर आवाजाही प्रभावित हुई थी, लेकिन पुलिस ने स्थिति को सामान्य किया। उन्होंने बताया कि भीड़ को देखते हुए फिलहाल इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है और श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा के लिए भेजा जा रहा है।
एसपी ने कहा कि जैसे-जैसे भीड़ कम होगी, इस मार्ग पर फिर से वाहनों की आवाजाही शुरू की जाएगी। इसके साथ ही सभी पार्किंग स्थलों पर वाहनों का रेला दिखाई दे रहा है। ठुलीगाड़ पहुंचे वाहनों को अब टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर पार्क कराया जा रहा है। वहीं, भारी भीड़ के बीच पार्किंग शुल्क को लेकर भी आरोप लग रहे हैं कि वाहन स्वामियों से मनमाना शुल्क लिया जा रहा है।



