रविवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश के चलते गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित जंगलचट्टी के पास एक बरसाती गदेरा उफान पर आ गया, जिससे रास्ते में मलबा और पत्थर फैल गए। इस हादसे में नेपाल मूल के 21 वर्षीय महेंद्र सिंह, निवासी देहलेख, नेपाल (वर्तमान निवासी गौरीकुंड), की मलबे की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के समय मार्ग पर मौजूद तीन अन्य यात्रियों—शगुन शर्मा (उत्तर प्रदेश), मंजू शर्मा (राजस्थान) और पंचना सोलंकी (मध्य प्रदेश) को मामूली चोटें आईं। उन्हें तत्काल निकटतम मेडिकल रिलीफ पोस्ट में प्राथमिक उपचार दिया गया।
लोनिवि (लोक निर्माण विभाग) द्वारा मार्ग से मलबा हटाए जाने के बाद करीब एक घंटे बाद पैदल मार्ग पर आवाजाही बहाल कर दी गई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि एहतियात के तौर पर सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट को यात्रियों को रात में रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
इस दौरान लिनचोली में लगभग 2000 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित रोक लिया गया है। वहीं भीमबली क्षेत्र में भी यात्रियों को अस्थायी रूप से रोका गया है।
दूसरी ओर, सोनप्रयाग कोतवाली के इंस्पेक्टर राकेंद्र सिंह कठैत ने जानकारी दी कि रात 9:30 बजे के बाद सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच शटल सेवा को पुनः शुरू कर दिया गया है।



