पेंशनर्स ने सीखा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने का तरीका, देहरादून में आयोजित हुआ अभियान

देहरादून:
केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए “डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 3.0” का आयोजन 1 से 30 नवंबर, 2024 तक किया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य पेंशनभोगियों को उनकी जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) जमा करने की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाना है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के तहत, इस अभियान के माध्यम से 800 शहरों और जिलों में शिविर लगाए जा रहे हैं।

इस अभियान में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे पेंशनभोगी अब अपने स्मार्टफोन से ही डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। इस तकनीक से बाहरी बायोमेट्रिक उपकरणों की आवश्यकता समाप्त हो गई है, और पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने में अधिक सहूलियत हो रही है।

वर्ष 2022 में हुए अभियान में 1.41 करोड़ से अधिक डीएलसी जनरेट किए गए थे, जिनमें से 42 लाख डीएलसी केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों ने बनाए थे। इसके बाद, नवंबर 2023 में हुए अभियान में कुल 1.47 करोड़ डीएलसी जनरेट हुए, जिनमें से 45 लाख डीएलसी केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों ने बनाए थे।

इस वर्ष के अभियान में, बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, पेंशनभोगी कल्याण संघों, यूआईडीएआई, मंत्रालयों और अन्य संबंधित संस्थाओं के सहयोग से विशेष प्रयास किए गए हैं, ताकि वयोवृद्ध, दिव्यांग और बीमार पेंशनभोगियों को उनके घरों या अस्पतालों में जाकर डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा मिल सके।

देहरादून में 11 नवंबर, 2024 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 5 शाखाओं – आई एम ए, बीरपुर, सहारनपुर रोड, डिफेन्स कालोनी, और आईआईपी टाउनशिप में आयोजित शिविरों में समीन अंसारी (अवर सचिव, पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग) और अशवनी कुमार (उपनिदेशक, यूआईडीएआई) ने पेंशनभोगियों की सहायता की। इस दौरान, पेंशनभोगियों को फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक सहित विभिन्न डिजिटल तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।

इसके अलावा, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने देहरादून जिले के सभी डाकघरों में निर्धारित तिथियों पर शिविर लगाए। इन शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया और पेंशनभोगियों के लिए यह प्रक्रिया सुगम बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए।

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