देहरादून।नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशवासियों को बेहतर और सुरक्षित सफर की बड़ी सौगात दी है। उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में 100 नई बसों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कैम्प कार्यालय के समीप इन नई बसों को हरी झंडी दिखाकर जनता को समर्पित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10 एसी और 2 स्लीपर अनुबंधित बसों का भी शुभारंभ किया, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक आरामदायक सुविधाएं मिल सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने परिवहन निगम की स्मारिका ‘अनवरत’ तथा सड़क सुरक्षा पर आधारित विशेष कैलेंडर का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये नई बसें राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को और अधिक सशक्त बनाएंगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा उपलब्ध होगी। साथ ही प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि दुर्गम और पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड जैसे राज्य में एक मजबूत और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था केवल सुविधा ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास की रीढ़ भी है। सरकार परिवहन निगम को निरंतर सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 13 से अधिक नए बस अड्डों और कार्यशालाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि 14 अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनमें चार आधुनिक आईएसबीटी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ईंधन खर्च में कमी आएगी।
सीएम धामी ने बताया कि निगम की बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, ई-टिकटिंग, फ्लीट मॉनिटरिंग सिस्टम और समयबद्ध मेंटेनेंस जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इससे न केवल यात्रियों बल्कि निगम के कर्मचारियों की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने परिवहन निगम के कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए डीए में वृद्धि, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन और नई भर्तियों के माध्यम से मैनपावर की कमी को दूर करने का कार्य किया है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने कठिन परिस्थितियों में कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से कार्य करने वाले कर्मठ कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सरकार परिवहन निगम को केवल एक संस्था नहीं, बल्कि ‘सेवा का माध्यम’ मानते हुए इसे आधुनिक, आत्मनिर्भर और जनोन्मुखी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



