केदारनाथ यात्रा 2025 की तैयारियों के मद्देनजर, गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड का पुनरुद्धार किया गया है। अब तप्तकुंड में फिर से गर्म पानी की धारा बहने लगी है, जिससे श्रद्धालु यात्रा के दौरान इस स्थान पर आचमन और स्नान कर सकेंगे। इस प्रयास से न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा को और अधिक सुखद बनाया जाएगा, बल्कि यह स्थान अधिक सुरक्षित और सुलभ भी हो जाएगा।
गौरतलब है कि 31 जुलाई 2024 को भारी बारिश और मंदाकिनी नदी के सैलाब से तप्तकुंड मलबे और बोल्डरों से दब गया था, जिसके बाद इसे पुनर्निर्मित करने की आवश्यकता महसूस की गई। इस पुनरुद्धार की जिम्मेदारी केदारनाथ विधानसभा की विधायक आशा नौटियाल ने उठाई। उन्होंने फरवरी माह में गौरीकुंड का निरीक्षण किया और तप्तकुंड में जमा मलबा हटाने और पुनर्निर्माण के लिए निर्देश दिए थे।
इस काम के लिए विधायक आशा नौटियाल ने अपनी विधायक निधि से 15 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की। इसके बाद खंड विकास कार्यालय ऊखीमठ को जिम्मेदारी सौंपते हुए, बीडीओ अनुष्का के मार्गदर्शन में जेई संदीप थपलियाल के नेतृत्व में 30 श्रमिकों ने एक महीने के भीतर मलबा और बोल्डरों को हटा दिया। इस प्रयास के परिणामस्वरूप तप्तकुंड में फिर से गर्म पानी की धारा प्रवाहित हो रही है।
खंड विकास कार्यालय के जेई संदीप थपलियाल ने जानकारी दी कि तप्तकुंड अब पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि यात्रा की शुरुआत से पहले तप्तकुंड क्षेत्र को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए और प्रयास किए जाएंगे। यहां स्थित तर्पण कुंड में श्रद्धालु अपने पूर्वजों को तर्पण अर्पित करते हैं और तप्तकुंड के पानी में स्नान भी करते हैं। इस स्थान के पानी को एक तालाब में इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालु इसमें स्नान कर सकें।



