राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष और विजयदशमी उत्सव के अवसर पर सुभाष नगर की सुभाष बस्ती में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाज के विभिन्न वर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के बीच कार्यक्रम की शुरुआत महानगर कार्यवाह सतेंद्र जी ने दीप प्रज्ज्वलन और शस्त्र पूजन से की।
कार्यक्रम में 5 वर्ष से लेकर 75 वर्ष तक के स्वयंसेवकों ने अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश
मुख्य वक्ता सतेंद्र जी ने अपने उद्बोधन में पंच परिवर्तनों—कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी का भाव और नागरिक कर्तव्य—पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के जीवन और कठिन परिस्थितियों में किए गए कार्यों को रेखांकित किया। साथ ही, पूजनीय गुरुजी के कालखंड में संघ के विस्तार, 90 के दशक से राम मंदिर आंदोलन तक और उसके पूर्ण होने तक की यात्रा को विस्तार से बताया।
सतेंद्र जी ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि संघ के कार्य को और गति दें और संपूर्ण हिंदू समाज को समरस बनाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलें।
मातृशक्ति और प्रबुद्धजन की बड़ी उपस्थिति
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति और स्थानीय प्रबुद्धजन उपस्थित रहे, जिन्होंने उत्सव को विशेष रूप दिया।
महानगर में 74 कार्यक्रम आयोजित
महानगर प्रचार प्रमुख मनीष बागड़ी ने बताया कि केवल महानगर दक्षिण में ही आज 37 कार्यक्रम हुए। इनमें राम नगर और केदार नगर में पाँच-पाँच, महाराणा प्रताप नगर में चार, सुभाष नगर और शिवाजी नगर में तीन-तीन, प्रेमनगर में तीन, विवेकानंद नगर में दो, गुरुरामराय नगर में चार, लक्ष्मण नगर में तीन, जगन्नाथ नगर में एक और मानक सिद्ध नगर में दो कार्यक्रम शामिल हैं।
अब तक महानगर में कुल 74 कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं।



