उत्तराखंड निर्वाचन आयोग ने राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर एक विशेष अभियान की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत 1 मार्च से 22 मार्च तक पंचायत स्तर पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन करने और त्रुटियों को सुधारने का कार्य किया जाएगा। मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के प्रभारी अधिकारियों और जिला पंचायत राज अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे छूटे हुए पात्र मतदाता अपना नाम दर्ज करा सकें। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि ग्रामीणों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा सके। इसके साथ ही, बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) भी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होंगे और आवश्यक फार्म उपलब्ध कराएंगे।
मुख्य विकास अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया की सहभागिता से इस अभियान को सफल बनाएं। खासतौर पर चमोली, टिहरी गढ़वाल और ऊधमसिंह नगर में मतदाता सूची की त्रुटियों को गंभीरता से लिया जाएगा और पुनः परीक्षण किया जाएगा। वहीं, नैनीताल और अल्मोड़ा में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सराहना की गई है।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों में मतदान प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राजनीतिक दलों से सुझाव भी मांगे हैं। आयोग ने 31 मार्च तक सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट भी तलब की है।
इसके अतिरिक्त, मतपेटी, निर्वाचन सामग्री और मतदान केंद्रों की स्थिति की समीक्षा भी की गई है, ताकि पंचायत चुनाव निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।



