UKPCS मुख्य परीक्षा स्थगित: हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयोग ने रोकी 6–9 दिसंबर की परीक्षा, अब संशोधित प्रीलिम्स परिणाम के बाद ही आगे की प्रक्रिया

देहरादून: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने राज्य सिविल प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2025 (UKPCS 2025) की मुख्य परीक्षा को औपचारिक रूप से स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा 6 से 9 दिसंबर के बीच आयोजित की जानी थी, लेकिन नैनीताल उच्च न्यायालय द्वारा प्रारंभिक परीक्षा के विवादित प्रश्नों पर रोक लगाए जाने के बाद आयोग को यह निर्णय लेना पड़ा।

मुख्य परीक्षा को स्थगित करने का आदेश आयोग के सचिव अशोक कुमार पांडे द्वारा जारी किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि नई परीक्षा तिथियाँ परिस्थितियों के अनुसार बाद में घोषित की जाएँगी, जिसकी सूचना आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से जारी की जाएगी।

हाईकोर्ट ने क्यों लगाई रोक?

मामला तब सामने आया जब कुछ अभ्यर्थियों, जिनमें कुलदीप कुमार भी शामिल हैं, ने प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्नों की सत्यता पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कोर्ट में याचिका दायर की। अभ्यर्थियों का आरोप था कि सामान्य अध्ययन के कम से कम एक प्रश्न का उत्तर गलत था, जिससे प्रीलिम्स की मेरिट लिस्ट प्रभावित हुई।

सुनवाई के दौरान आयोग ने भी स्वीकार किया कि सामान्य अध्ययन का एक प्रश्न त्रुटिपूर्ण था और उसे हटाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अदालत ने इसे चयन प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव मानते हुए सख्त निर्देश जारी किए।


न्यायालय के मुख्य निर्देश

न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि:

  • सामान्य अध्ययन का विवादित प्रश्न संख्या 70 को मूल्यांकन से पूरी तरह हटाया जाए

  • अन्य तीन विवादित प्रश्नों की जांच विशेषज्ञ समिति से कराई जाए।

  • वर्ष 2022 में जारी नियमावली के अनुसार प्रीलिम्स का संशोधित परिणाम और नई मेरिट लिस्ट जारी की जाए।

  • जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, मुख्य परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।


कितने अभ्यर्थी प्रभावित होंगे?

इस परीक्षा का परिणाम 8 अक्टूबर को घोषित किया गया था, जिसमें लगभग 1200 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था। ये सभी अभ्यर्थी अब आयोग द्वारा नए परिणाम जारी किए जाने का इंतजार करेंगे।

मुख्य परीक्षा जिन 120 से अधिक पदों के लिए आयोजित होनी थी, उनमें डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक, वित्त अधिकारी, राज्य कर अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी और विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं के पद शामिल हैं।


अब आगे क्या होगा?

आयोग को अब:

  • त्रुटिपूर्ण प्रश्नों की जांच पूरी करनी होगी,

  • नए सिरे से परिणाम तैयार करना होगा,

  • और पुनर्निर्धारित मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद ही मुख्य परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा करनी होगी।

अभ्यर्थियों के लिए यह इंतजार थोड़ा लंबा हो सकता है, लेकिन हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि निष्पक्षता सर्वोपरि है और सही मेरिट सुनिश्चित होने के बाद ही चयन प्रक्रिया की अगली कड़ी आगे बढ़ेगी।

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