नैनीताल। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय को बुधवार को एक और न्यायाधीश मिल गया। अधिवक्ता सिद्धार्थ साह ने न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही उत्तराखण्ड हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर दस हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह मुख्य न्यायाधीश जे. नरेंद्र की अध्यक्षता में मुख्य न्यायाधीश कोर्ट में संपन्न हुआ।
समारोह के दौरान सभी न्यायाधीशों की गरिमामयी उपस्थिति में रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता ने मुख्य न्यायाधीश से अनुमति लेकर राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधिसूचना पत्र का वाचन किया। इसके बाद राज्यपाल द्वारा मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए नियुक्ति संबंधी पत्र को भी पढ़कर सुनाया गया।
अधिसूचना पढ़े जाने के पश्चात अधिवक्ता सिद्धार्थ साह को न्यायालय कक्ष में आमंत्रित किया गया, जहां मुख्य न्यायाधीश जे. नरेंद्र ने उन्हें न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह ने आवश्यक कागजातों पर हस्ताक्षर किए, जिसके साथ ही औपचारिक कार्यवाही पूर्ण कर प्रोसीडिंग को समाप्त घोषित किया गया।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह मूल रूप से नैनीताल के निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल के सेंट जोसेफ कॉलेज से हाईस्कूल तक प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बिड़ला विद्या मंदिर, नैनीताल से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की। स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए वे दिल्ली के प्रतिष्ठित करोड़ीमल कॉलेज गए। विधि की शिक्षा उन्होंने अल्मोड़ा लॉ कॉलेज से प्राप्त की और इसके बाद उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस शुरू की।
शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी, न्यायमूर्ति आलोक वर्मा, न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल, न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित, न्यायमूर्ति आशीष नैथानी, न्यायमूर्ति आलोक मेहरा तथा न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय उपस्थित रहे। इसके अलावा सदस्य सचिव प्रदीपमणि त्रिपाठी, रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल धर्मेंद्र सिंह अधिकारी, रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल राहुल कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह के परिवारजन भी समारोह में शामिल हुए। उनकी धर्मपत्नी दीप्ति, बेटियां वर्शिता और अश्ले, पिता महेश लाल साह, चाचा राजीव लोचन साह सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। साथ ही महाधिवक्ता एस.एन. बाबुलकर, मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह रावत, पूर्व महाधिवक्ता वी.बी.एस. नेगी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.सी.एस. रावत ने न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे न्यायिक कार्यों के त्वरित निस्तारण में मदद मिलेगी। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह के संघर्ष और उपलब्धियों से प्रेरणा लेने और लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।