आईएफएफआई 2024 में उत्तराखण्ड की फिल्म नीति को लेकर फिल्मी हस्तियों ने की सराहना, राज्य के फिल्म उद्योग के लिए नई संभावनाओं पर चर्चा
गोवा, 24 नवम्बर 2024: भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के 55वें संस्करण में उत्तराखण्ड पवेलियन ने खास आकर्षण प्राप्त किया। इस महोत्सव के फिल्म बाजार में कई फिल्मी हस्तियों ने उत्तराखण्ड की नई फिल्म नीति 2024 को लेकर अपने विचार साझा किए। पवेलियन में आए अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, लेखक और अन्य फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने राज्य सरकार के इस कदम की सराहना की।

उत्तराखण्ड पवेलियन में अभिनेता हेमंत पांडेय ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड की फिल्म नीति की तारीफ करते हुए कहा कि यह नीति फिल्म जगत के लिए एक बेहतरीन कदम साबित होगी। उन्होंने इसे एक सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा किया। फिल्म जगत से जुड़ी अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी इस नीति की सराहना की। इनमें सुप्रसिद्ध कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा, इम्पा के अध्यक्ष अभय सिन्हा, अभिनेत्री एवं प्रोड्यूसर आरुषि निशंक, और फिल्म निर्माता श्रवण मोहत्रर शामिल थे।

नॉलेज सीरीज के तहत हुई एक चर्चा में फिल्म नीति 2024 पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान अभिनेता एवं निर्देशक अनंत महादेवन नारायण ने उत्तराखण्ड में शूटिंग के अपने अनुभवों को साझा करते हुए राज्य में शूटिंग प्रक्रिया को सरल और स्थानीय लोगों द्वारा मिले सहयोग की सराहना की। अभिनेता अमित सियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में अपने फिल्म “तिकड़म” की शूटिंग के दौरान उनका अनुभव बहुत अच्छा रहा, और वे भविष्य में भी राज्य में शूटिंग करना चाहेंगे।
अभिनेत्री श्रुति पवाँर ने भी अपनी शूटिंग के अनुभवों को साझा करते हुए उत्तराखण्ड को “No less than Switzerland” बताया और राज्य सरकार के सहयोग को सराहा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की दिशा में किए गए सकारात्मक प्रयासों की भी तारीफ की।

ऑस्ट्रेलिया से आए फिल्म निर्माता अनुपम शर्मा ने बताया कि वे भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई कंट्री सिंगर बॉबी कैश पर एक बायोपिक बना रहे हैं, जिसमें आधी शूटिंग उत्तराखण्ड में होगी। यह कदम राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेगा।
उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने राज्य की नई फिल्म नीति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस नीति में 3T (टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग) के सिद्धांत पर ध्यान दिया गया है, जो प्रदेश में फिल्म उद्योग को विकसित करने के लिए जरूरी कदम हैं।

इसके अलावा, डॉ. उपाध्याय ने यह भी बताया कि उत्तराखण्ड में लोकेशन और रिसोर्स डायरेक्टरी बनाने का कार्य जारी है, जिससे फिल्म निर्माताओं के लिए जरूरी संसाधनों का आसान उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

कार्यक्रम में फिल्म निर्माता और निर्देशक शालिनी शाह, अभिनेता एवं वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा, ओम प्रकाश भट्ट, और अन्य फिल्म उद्योग के विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।



