चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया, लेकिन इस जीत से पाकिस्तान का दिल टूट गया है। पाकिस्तान इस टूर्नामेंट का आधिकारिक मेज़बान था, लेकिन उसे आर्थिक नुकसान के अलावा सम्मान भी नहीं मिला। भारत ने पाकिस्तान से न सिर्फ फाइनल की मेज़बानी छीन ली, बल्कि उसने इस टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तान को बड़ा वित्तीय नुकसान भी पहुंचाया।
भारत ने पाकिस्तान के अरमानों पर पानी डाला:
भारत ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम किया। भारत ने बैक टू बैक यह दूसरा ICC खिताब जीता है, पिछली बार भारत ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। इस जीत से पाकिस्तान के अरमानों को जबरदस्त झटका लगा, क्योंकि पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट की मेज़बानी का सपना देखा था, लेकिन भारत के मैच दुबई में खेले गए।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बड़े खर्चे के साथ कराची के गद्दाफी स्टेडियम का नवीनीकरण किया था, लेकिन जब भारत फाइनल तक पहुंचा, तो पाकिस्तान को यह मौका भी गंवाना पड़ा। फाइनल मुकाबला दुबई में खेला गया, जिससे पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हुआ।
पाकिस्तान को हुआ करोड़ों का नुकसान:
चैंपियंस ट्रॉफी के लिए आईसीसी ने करीब 586 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था, और इस टूर्नामेंट में कुल 15 मैच खेले गए थे। इनमें भारत के तीन ग्रुप मैच और एक सेमीफाइनल दुबई में खेले गए थे। अब फाइनल भी दुबई में हुआ। इस हिसाब से, पाकिस्तान को 4 मैचों का कुल 156 करोड़ रुपये का नुकसान पहले ही हो चुका था। अब फाइनल भी दुबई में होने से पाकिस्तान को 39 करोड़ रुपये का और नुकसान हुआ।
स्टेडियमों पर पाकिस्तान ने कितना खर्च किया?
पाकिस्तान ने इस वैश्विक आयोजन की मेज़बानी के लिए अपने तीन स्टेडियमों के पुनर्निमाण में करीब 5 अरब रुपये खर्च किए थे। पीसीबी को उम्मीद थी कि स्टेडियमों में फैंस की भारी भीड़ उमड़ेगी, लेकिन पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से पहले ही बाहर हो गई और दो मैचों में बारिश ने खलल डाला। इन दो मैचों की टिकटों के पैसे भी पाकिस्तान को फैंस को वापस करने होंगे।
इस आयोजन के बाद पाकिस्तान को फिर से आईसीसी से आर्थिक सहायता की उम्मीद है, क्योंकि उसे काफी नुकसान हुआ है।



