हरिद्वार जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में घोषणा की कि हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का संचालन शीघ्र ही शुरू होगा, जिसमें 100 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दी गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा का आभार व्यक्त किया है।
हरिद्वार में चिकित्सा सेवाओं की कमी को देखते हुए, राज्य सरकार ने इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। पहले से ही देहरादून, श्रीनगर और हल्द्वानी में राजकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के बाद, अब हरिद्वार में भी उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार के प्रयासों से कॉलेज का भवन अल्प समय में तैयार हुआ। हाल ही में एनएमसी की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण किया और आवश्यक सुधार किए गए हैं।
हरिद्वार की लाखों की आबादी को मिलेगा लाभ
हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की स्थापना से यहां की लाखों आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा लाभ होगा। पहले, स्थानीय residents को चिकित्सा के लिए ऋषिकेश एम्स और देहरादून के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब, मेडिकल कॉलेज के खुलने से लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “हमारी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। हम पर्वतीय और मैदानी जनपदों में चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाना चाहते हैं। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण निश्चित रूप से भविष्य में स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत लाएगा।”



