राज्यभर में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर औषधि नियंत्रण विभाग (एफडीए) ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कल रात कोटद्वार से शुरू हुआ छापेमारी अभियान आज भी जारी रहा। इस दौरान Respifresh TR कफ सिरप (Batch No. R01GL2523) का बड़ा स्टॉक कई मेडिकल स्टोरों से जब्त किया गया।
एफडीए की टीमें प्रदेश के सभी जिलों में सक्रिय हैं और संदिग्ध औषधियों की जांच लगातार की जा रही है।
🔹 कोटद्वार में Respifresh TR का स्टॉक सीज
कोटद्वार में एफडीए टीम ने देर रात अभियान चलाकर कई मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। इस दौरान Respifresh TR कफ सिरप की कई बोतलें जब्त की गईं। टीम ने आज भी तीन नए नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं।
🔹 अल्मोड़ा में छह मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी
अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया और चांदीखेत क्षेत्रों में औषधि निरीक्षकों ने छह मेडिकल स्टोरों की जांच की। निरीक्षण के दौरान पहले से एनएसक्यू (Non-Suitable Quality) घोषित Respifresh TR सिरप की 12 बोतलें जब्त की गईं। साथ ही चार सिरपों के नमूने परीक्षण हेतु भेजे गए।
🔹 रुद्रप्रयाग में चार नमूने लिए गए
रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र में औषधि निरीक्षकों ने खुदरा और थोक दवा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच की। टीम ने चार कफ सिरप के नमूने संकलित कर प्रयोगशाला भेजे। अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई तय की जाएगी।
🔹 उत्तरकाशी में बच्चों की दवाओं पर कड़ी निगरानी
उत्तरकाशी में औषधि निरीक्षक मोहम्मद ताजिम के नेतृत्व में छापेमारी की गई। टीम ने बच्चों में प्रयुक्त चार कफ सिरपों—
Dextromethorphan Hydrobromide Syrup (KL-25/148), Coldrif (SR-13), Respifresh TR (R01GL2523) और Relife (LSL25160)—के नमूने लिए और देहरादून स्थित प्रयोगशाला को भेजे।
निरीक्षक ताजिम ने मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी कि वे इन दवाओं को न बेचें और न ही स्टॉक करें। साथ ही निर्देश दिए कि 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कोई भी कफ सिरप न दिया जाए और वयस्कों को दवा केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दी जाए।
🔹 राज्यभर से लिए गए 148 नमूने
अब तक प्रदेशभर से 148 दवाओं के नमूने जांच हेतु भेजे गए हैं। इनमें देहरादून से 11, कोटद्वार से 3, हल्द्वानी से 3, अल्मोड़ा से 4, रुद्रप्रयाग से 4 और उत्तरकाशी से 4 नमूने शामिल हैं। कई मेडिकल स्टोरों को नोटिस जारी किए गए हैं जबकि संदिग्ध दवाओं का स्टॉक सील किया गया है।
🔹 एफडीए का सख्त रुख — “दोषियों पर होगी कानूनी कार्रवाई”
स्वास्थ्य सचिव एवं औषधि आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि “राज्यभर में एफडीए की टीमें सक्रिय हैं। जिन दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, उनकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
सभी मेडिकल स्टोरों को निर्देश दिया गया है कि संदिग्ध बैच नंबर की औषधियां तुरंत हटाई जाएं।
🔹 छापेमारी क्यों ज़रूरी है?
हाल के महीनों में देशभर में कुछ कफ सिरपों में विषैले तत्व पाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे कई बच्चों की मौतें हुईं।
एफडीए की इस कार्रवाई का उद्देश्य है—
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खतरनाक और मिलावटी दवाओं को बाजार से हटाना,
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जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना,
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औषधि विक्रेताओं में जवाबदेही बढ़ाना, और
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दवा कंपनियों को गुणवत्ता मानकों का पालन करने के लिए बाध्य करना।
🔹 जनसहयोग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई संदिग्ध दवा या बैच नंबर दिखाई दे तो तत्काल स्थानीय औषधि निरीक्षक या स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।



