कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान पर सरकार को घेरा, 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान
उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुए कथित मंच शुद्धिकरण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच राजनीतिक जंग और तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस प्रकरण को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों के खिलाफ एक्शन न लिया जाना यह साबित करता है कि सरकार का संबंधित धार्मिक संगठन के साथ अंदरूनी गठजोड़ है।
राज्यसभा में भी गूंजा मुद्दा
गणेश गोदियाल ने कहा कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई इस घटना की गूंज राज्यसभा तक सुनाई दी है। राज्यसभा के सभापति ने इस मामले पर गहरा दुख प्रकट किया था। साथ ही उन्होंने सरकार को निर्देश दिया था कि सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
गोदियाल ने चिंता जताते हुए कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा द्वारा राज्यसभा की ओर से लिखे गए पत्र का भी जिक्र किया, जिसमें सरकार को इस पूरे प्रकरण की याद दिलाई गई थी। गोदियाल ने आरोप लगाया कि सरकार कार्रवाई करने के बजाय ‘चोरी और ऊपर से सीनाजोरी’ वाली नीति पर काम कर रही है।
‘सरकार की शह पर हुआ कांग्रेस अध्यक्ष का अपमान’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सीधे मुख्यमंत्री और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस कृत्य को अंजाम देने वालों से कहीं अधिक दोषी सूबे के मुख्यमंत्री और भाजपा अध्यक्ष हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का यह अपमान सरकार की शह पर हुआ है, और कार्रवाई में ढिलाई इसका सबसे बड़ा सबूत है।
7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी कांग्रेस
इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में कांग्रेस ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। गणेश गोदियाल ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। अपनी मांगों को मनवाने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए कांग्रेस ने 7 सितंबर को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच और घेराव करने का ऐलान किया है।
गौरतलब है कि बीती 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक बड़ी जनसभा आयोजित की गई थी। इसके बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा मंच का कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया, जिसे लेकर कांग्रेस पूरे देश में विरोध प्रदर्शन कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ी है।





