ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल की शिकायत पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया
धामी सरकार ने दूषित पेयजल आपूर्ति मामले में की सख्त कार्रवाई
देहरादून। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखण्ड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह वरिष्ठ एवं कनिष्ठ इंजीनियरों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित अधिकारियों की सूची
निलंबित किए गए अधिकारियों में जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता और अपर सहायक अभियंता, साथ ही पेयजल निगम भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भविष्य में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता के हितों की रक्षा करना है और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी विभागाध्यक्षों और शीर्ष अधिकारियों को जनता से जुड़े मामलों में पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
“जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हमारी सरकार के लिए जनहित सर्वोपरि है और जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता के हितों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। सभी विभागाध्यक्षों और शीर्ष अधिकारियों को इस संबंध में बार‑बार निर्देशित भी किया गया है।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड
पहले दिन की अन्य कार्रवाई
इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री के निर्देश पर नीट यूजी 2026 की राज्य केंद्रीयकृत काउंसिलिंग में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में कार्रवाई की गई थी। अब तक इस प्रकरण में आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द की गई है।





