देहरादून से बाहर पहली बार चंपावत जिले में आयोजित हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी (NHPC) परिसर में आयोजित की गई। यह पहला मौका है जब राज्य कैबिनेट की बैठक देहरादून के बजाय चंपावत जिले में बुलाई गई। इस बैठक में शामिल होने के लिए 3 अक्टूबर को ही कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी बनबसा पहुंच गए थे।
सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास पर जोर
सरकार द्वारा राजधानी से दूर सीमांत जिले में कैबिनेट बैठक आयोजित करने के फैसले को काफी अहम माना जा रहा है। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य बॉर्डर एरियाज और सीमांत पर्वतीय जिलों के विकास पर ध्यान केंद्रित करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से स्थानीय जनता में संदेश जाता है कि सरकार उनके प्रति संवेदनशील है और प्रदेश हित में फैसले ले रही है।
वहीं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि बनबसा में इस बैठक के आयोजन से क्षेत्रीय लोगों में काफी उत्साह है और उनके बीच यह भावना जगी है कि सरकार खुद उनके द्वार तक पहुंची है।
इन महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय की संभावना
अक्टूबर माह की इस पहली कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और ऊर्जा विभाग से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसके साथ ही उपनल कर्मचारियों के मुद्दों और पीजी डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने से संबंधित विषयों पर भी मुहर लगने की उम्मीद है।
आगामी 26 अक्टूबर से पहले राज्य विधानसभा का मानसून सत्र आयोजित किया जाना है। माना जा रहा है कि इस बैठक के दौरान मानसून सत्र के आयोजन की तिथियों और स्थल को लेकर भी अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।


