आदि कैलास यात्रा 2025 का आयोजन एक हफ्ते बाद, 2 मई से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान ज्योलिंगकोंग मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा के लिए आवश्यक इनर लाइन परमिट 30 अप्रैल से जारी किए जाएंगे। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी ने चिकित्सा जांच की प्रक्रिया को शाम 5 बजे तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं और यह सुनिश्चित किया गया है कि अन्य अस्पतालों से प्राप्त मेडिकल प्रमाणपत्र भी मान्य होंगे।
आदि कैलास और ओम पर्वत की यात्रा को लेकर प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क सुधार, शौचालय, खाद्यान्न, दूर संचार, सुरक्षा, और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर प्रशासनिक उपाय किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी विनोद गिरी गोस्वामी ने यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए चिकित्सा विभाग को दिशा-निर्देश दिए हैं कि मेडिकल परीक्षण शाम पांच बजे तक पूरे किए जाएं। साथ ही, यात्रा में स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने यह भी सुझाव दिया कि श्रद्धालु यदि अपने मेडिकल प्रमाणपत्र के साथ यात्रा पर आते हैं तो इसे सात दिन तक मान्य किया जाए। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर चिकित्सा शिविरों और एंबुलेंस सेवाओं को तैनात किया जाएगा।
यात्रा की सफलता के लिए जिलाधिकारी ने 30 जून से शुरू होने वाली कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया। प्रशासन द्वारा मार्ग पर सड़क सुधार और पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम धारचूला मंजीत सिंह से यात्रा मार्ग की स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली गई।
इसके अतिरिक्त, पुलिस और यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस अधीक्षक रेखा यादव और एआरटीओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कुमाऊं स्काउट से पार्किंग में सहयोग की अपील की गई है और पार्किंग की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया है।



