अंकिता हत्याकांड में ‘ऑडियो बम’, भाजपा के बड़े नेता पर कांग्रेस का हमला
अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड़, भाजपा के बड़े चेहरे पर लगे गंभीर आरोप
नई दिल्ली/देहरादून।- बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में राष्ट्रीय मीडिया के सामने एक कथित ऑडियो क्लिप सार्वजनिक करते हुए भाजपा से जुड़े एक बड़े नेता पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस का दावा है कि यह ऑडियो भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी से जुड़ा हुआ है, जिसमें वह अपने कथित मुंह बोले भाई से बातचीत में उस “वीआईपी” का जिक्र करती सुनाई देती हैं, जिसका नाम अंकिता हत्याकांड में शुरू से चर्चा में रहा, लेकिन अब तक साक्ष्यों के अभाव में सामने नहीं आ सका था।
“वीआईपी” को लेकर कांग्रेस का बड़ा दावा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का आरोप है कि अंकिता पर जिस वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया गया था, वह कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि उत्तराखंड भाजपा संगठन से जुड़ा एक प्रभावशाली नेता है। कांग्रेस का दावा है कि अंकिता द्वारा इस दबाव को ठुकराने के बाद ही उसकी हत्या की गई।
हालांकि यह ऑडियो पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ था, लेकिन पहली बार इसे सार्वजनिक मंच से मीडिया के सामने रखा गया।
गिरफ्तारी और सीबीआई जांच की मांग
गणेश गोदियाल ने पत्रकार वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व को सीधे तौर पर अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि
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4–5 जनवरी तक संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं होती, और
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इस अति संवेदनशील मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में नहीं कराई जाती,
तो कांग्रेस राज्य की बेटियों की अस्मिता और सुरक्षा को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी।
साक्ष्य मिटाने का भी आरोप
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि घटना के खुलासे के समय भाजपा नेत्री रेनू बिष्ट द्वारा उस कमरे को तुड़वाया गया, जिसमें अंकिता रहती थी। कांग्रेस का दावा है कि यह कदम साक्ष्य मिटाने की मंशा से उठाया गया।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं का महिलाओं और बेटियों को लेकर जो दृष्टिकोण है, वह इस पूरे मामले से उजागर होता है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि ऋषिकेश स्थित वनंत्रा (वनतारा) रिजॉर्ट, जो एक भाजपा नेता से जुड़ा बताया जाता है, में अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थी। सितंबर 2022 में उसकी हत्या कर शव चीला नहर में फेंक दिया गया था।
मामले का खुलासा अंकिता के एक मित्र के साथ हुई चैटिंग के आधार पर हुआ था। इस केस में भाजपा नेता के पुत्र सहित तीन आरोपी फिलहाल जेल में हैं।
लेकिन अब तक सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ था कि वह वीआईपी कौन था, जिसके लिए अंकिता पर दबाव डाला गया।
राजनीति में फिर उबाल
इस कथित ऑडियो के सार्वजनिक होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आना तय माना जा रहा है। यह मामला अब केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि प्रदेश की महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा व सम्मान से जुड़ा बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और सह-प्रभारी मनोज यादव भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है।