उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के ऐतिहासिक गांव सारकोट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी और गांव के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री के सारकोट पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने पहले कोट भैरव मंदिर में पूजा अर्चना की और देश-प्रदेश की समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने शहीद वासुदेव सिंह के घर जाकर उनके परिजनों से भी मुलाकात की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सारकोट महिला मंगल दल को एक लाख रुपये की धनराशि दी, जिसे वे सांस्कृतिक सामग्री और अन्य सामान खरीदने के लिए उपयोग कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर के गांवों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी गांवों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और पलायन रोकने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। अब तक 100 से अधिक नकल करने वालों को जेल भेजा जा चुका है और 18,500 से अधिक युवा विभिन्न सरकारी सेवाओं में नियुक्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए कई योजनाओं का संचालन कर रही है, जिसमें बदरीनाथ धाम का विकास भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बदरीनाथ धाम दिव्य और भव्य रूप में प्रस्तुत होगा। इसके अलावा, गौचर हवाई पट्टी से हवाई जहाजों का संचालन करने और चौखुटिया में हवाई पट्टी के निर्माण की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। चमोली जिले के कर्ण प्रयाग से रेलवे सेवा शुरू करने की योजना पर भी मुख्यमंत्री ने प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास और संरक्षण के लिए भू कानून लाने का भी ऐलान किया, जिससे राज्यवासियों के अधिकारों की सुरक्षा की जा सकेगी। इसके अलावा, उन्होंने भराड़ीसैंण सारकोट सड़क के डामरीकरण, सारकोट को आदर्श ग्राम बनाने, महिला मंगल दल और स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग के लिए मशीनें देने, और भराड़ीसैंण सारकोट सड़क का नाम शहीद वासुदेव सिंह के नाम पर करने की घोषणाएं कीं। साथ ही, कोट भैरव मंदिर के सौंदर्यीकरण और सुदृढ़ीकरण का भी निर्णय लिया गया।

कार्यक्रम के अंत में स्थानीय महिलाओं द्वारा प्रस्तुत झुमैलो नृत्य में मुख्यमंत्री भी शामिल हुए और नृत्य का आनंद लिया।
इस दौरान कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, ग्राम प्रधान सुमति देवी, जिलाधिकारी संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, और अन्य अधिकारी व जन प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।


