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उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश, विकास प्राधिकरणों के कार्यों की समय-सीमा हो तय

सीएम धामी ने की आवास विभाग की समीक्षा बैठक, अवैध निर्माण की निगरानी के लिए बनेगा 'इलीगल कंस्ट्रक्शन मॉनिटरिंग डैशबोर्ड'

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आवास विभाग के अधीन आने वाले सभी विकास प्राधिकरणों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्राधिकरणों के कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मास्टर प्लान, परियोजनाओं, नागरिक सुविधाओं और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जैसे सभी कार्यों के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए।

G20 की तर्ज पर सुंदर दिखेंगे शहर, 15 अक्टूबर तक का समय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि इसी महीने से सभी विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो जाना चाहिए। इन कार्यों का स्वरूप और गुणवत्ता G20 समिट के दौरान किए गए कार्यों की तरह आकर्षक और प्रभावी होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने 15 अक्टूबर तक का समय दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बजट की कमी को किसी भी काम में देरी का बहाना नहीं बनाया जाएगा।

सड़कों की मरम्मत और सिटी पार्क का निर्माण

सीएम धामी ने प्राधिकरण क्षेत्रों के तहत आने वाली सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए 15 दिन का समय दिया है। उन्होंने सड़कों का सर्वे कर मरम्मत कार्य प्राथमिकता से करने को कहा। इसके अलावा सभी शहरों में अनिवार्य रूप से सिटी पार्क विकसित करने के निर्देश दिए। इन पार्कों में सामान्य टॉयलेट के साथ ‘पिंक टॉयलेट’ की सुविधा भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने आगामी समीक्षा बैठक तक इसका 70 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं।

अवैध निर्माण पर तकनीक से निगरानी, बनेगा स्पेशल डैशबोर्ड

अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने कड़ी रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण शुरू होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय शुरुआती स्तर पर ही जीआईएस (GIS), सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन तकनीक से अवैध निर्माण की पहचान की जाए।

सभी विकास प्राधिकरणों में ‘Illegal Construction Monitoring Dashboard’ तैयार किया जाएगा, जिसमें संदिग्ध निर्माण की पहचान से लेकर सीलिंग और ध्वस्तीकरण तक की हर कार्रवाई का रियल-टाइम अपडेट उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त, यदि किसी अवैध निर्माण में अधिकारियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पार्किंग संकट और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

  • पार्किंग समाधान: देहरादून और हरिद्वार में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए MDDA और HRDA को स्थानीय निकायों के साथ मिलकर मल्टी-लेवल, सरफेस, पेरीफेरल पार्किंग और PPP मॉडल पर आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति: नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को आसान, डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए इसे सभी जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों के साथ एकीकृत किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना: योजना के तहत लाभ पा चुके एससी, एसटी और बीपीएल परिवारों की सूची 15 दिन के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
  • लैंड पूलिंग योजना: किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे 2 से 3 क्षेत्रों में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार सहित सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष और आला अधिकारी उपस्थित थे।

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