रामनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रामनगर दौरे के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे कार्यक्रम को खास बना दिया। अहाना रिसॉर्ट स्थित हेलीपैड पर औपचारिक स्वागत के बीच मुख्यमंत्री की नजर वहां मौजूद बच्चों पर पड़ी तो उन्होंने प्रोटोकॉल से अलग हटकर सीधे बच्चों के बीच पहुंचने का फैसला किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। किसी ने उनके साथ सेल्फी ली तो किसी ने तस्वीरें खिंचवाईं, वहीं कई बच्चों ने उनसे खुलकर बातचीत भी की। मुख्यमंत्री का सहज, सरल और आत्मीय व्यवहार वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से बातचीत की। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासित जीवन अपनाने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कड़ी मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचाती है।
उन्होंने बच्चों से अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि अच्छे संस्कार ही व्यक्ति के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पहचान होते हैं। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी दृढ़ संकल्प के साथ लगातार मेहनत करता है, वह हर चुनौती को पार कर अपने सपनों को साकार कर सकता है।
मुख्यमंत्री के साथ बिताए इन यादगार पलों ने बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। कई अभिभावकों ने भी मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के बीच जाकर उनसे सीधे संवाद करना उनके व्यक्तित्व की सरलता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
रामनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का समय पर लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री के स्वागत के अवसर पर मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।