भराड़ीसैंण, गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण और आठ देशों के प्रतिनिधियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया।

कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य की पहली योग नीति 2025 पर आधारित पुस्तिका का विमोचन करते हुए उसका औपचारिक शुभारंभ किया। साथ ही “एक वृक्ष, योग के नाम” अभियान के तहत विधानसभा परिसर में एक सेब का पौधा भी रोपा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दो नए नगरों की परिकल्पना कर रही है, जो योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के वैश्विक केंद्र बनेंगे, जहां देश-विदेश से वेलनेस समूह, आध्यात्मिक गुरु और संस्थान आमंत्रित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण न केवल ग्रीष्मकालीन राजधानी है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम स्थल भी है। आठ मित्र राष्ट्रों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ योग अभ्यास राज्य को योग और अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में एक अहम पड़ाव है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि योग नीति के अंतर्गत प्रदेश में योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना पर अधिकतम 20 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही, योग और प्राकृतिक चिकित्सा क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 नए योग हब स्थापित किए जाएं और मार्च 2026 तक सभी आयुष हेल्थ और वेलनेस सेंटर्स में योग सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम है, बल्कि यह मानसिक संतुलन, आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी है। योग ने आज संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है, और भारत के प्रधानमंत्री के प्रयासों से योग आज वैश्विक पहचान बन चुका है।
पलायन की समस्या पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए स्ट्रैटेजिक एडवाइजरी कमेटी का गठन किया गया है जो नवाचारों को बढ़ावा देगी।
कार्यक्रम में भाग लेने से पूर्व मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों से भी मिले। बच्चों के बीच पहुंचकर उन्होंने संवाद किया और उन्हें योग के महत्व को समझाया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित कई देशों के राजनयिक, राज्य के उच्चाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



