देहरादून। प्रदेश में खाद्यान्न और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की उपलब्धता तथा कीमतों को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेशभर में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, मूल्य नियंत्रण और बाजार व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने आयुक्त खाद्य बी. एल. राणा से प्रदेश में खाद्यान्न, एलपीजी, डीजल-पेट्रोल और अन्य जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं उचित दरों पर बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए संबंधित विभाग लगातार और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि बाजार में किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी या अनावश्यक मूल्य वृद्धि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए बाजारों, गोदामों और थोक विक्रेताओं की नियमित जांच के साथ विशेष निरीक्षण अभियान चलाने को कहा गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी जनपदों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और मूल्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। खासतौर पर चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को राहत देने और बाजार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलती है तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर डॉ. एम.एस. विसेन, रीजनल मार्केटिंग ऑफिसर सी.एम. घिल्डियाल और उपायुक्त निधि रावत सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।