उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालय क्षेत्रों में इन दिनों बर्फबारी का खूबसूरत नजारा देखने को मिल रहा है। जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से पहाड़ियों ने सफेद चादर ओढ़ ली है, वहीं निचले क्षेत्रों में बारिश और कड़ाके की ठंड का दृश्य भी आकर्षक बन रहा है। गंगोत्री धाम और माँ गंगा के शीतकालीन आवास मुखवा में बर्फबारी हो रही है।
बर्फबारी से पहाड़ों ने पहनी सफेद चादर
उत्तरकाशी जिले की हर्षिल घाटी और ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह से बर्फबारी जारी है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी बर्फबारी का दृश्य देखे जा रहे हैं। निचले इलाकों में घने बादल छाए हुए हैं, जो माहौल को और भी ठंडा बना रहे हैं। विशेष रूप से गंगोत्री धाम और माँ गंगा के शीतकालीन आवास मुखबा में बर्फबारी का दृश्य बहुत ही भव्य और आकर्षक है। गंगा पुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री धाम और मुखबा में सुबह से बर्फबारी हो रही है, जिसका फायदा किसानों और यात्रियों को मिलेगा।
यमुनोत्री धाम में भी बर्फबारी का नजारा
यमुनोत्री धाम और माँ यमुना के शीतकालीन आवास खरसाली गांव में भी बर्फबारी का सिलसिला जारी है। सुबह 4 बजे से यमुनोत्री धाम, खरशाली गांव, जानकीचट्टी, नारायण पुरी और फूलचट्टी क्षेत्र में बर्फबारी हो रही है। वहीं, निचले इलाकों में बड़कोट तहसील क्षेत्र में हल्की बारिश हो रही है। माँ यमुना के शीतकालीन पुजारी ने भी बताया कि सुबह से क्षेत्र में बर्फबारी हो रही है।
यह बर्फबारी उत्तरकाशी के पर्यटन और कृषि के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे क्षेत्र की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ किसानों को भी लाभ मिलेगा।



