देहरादून:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सोमवार सुबह एक दर्दनाक और सनसनीखेज घटना से दहल उठी। मामूली ओवरटेक विवाद ने कुछ ही मिनटों में हिंसक रूप ले लिया और अंधाधुंध फायरिंग के बीच एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई। इस घटना ने सड़क पर बढ़ती आक्रामकता और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक की पहचान रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के रूप में हुई है। वह रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, लेकिन यह सैर उनकी जिंदगी की आखिरी साबित हुई।
जानकारी के मुताबिक घटना मसूरी रोड के मालसी क्षेत्र में जोहड़ी गांव के पास सुबह करीब 6:50 बजे हुई। उस समय सड़क किनारे टहल रहे ब्रिगेडियर जोशी अचानक गोलियों की चपेट में आ गए।
ओवरटेकिंग विवाद बना जानलेवा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो के बीच रास्ता देने को लेकर विवाद हुआ। बहस तेजी से बढ़ी और दोनों वाहन एक-दूसरे का पीछा करने लगे। इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने फॉर्च्यूनर को रोकने के लिए उसके टायरों पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान चली एक गोली ब्रिगेडियर जोशी के सीने में जा लगी।
गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
फायरिंग के बाद भी जारी रही हिंसा
घटना के दौरान फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। इसके बाद भी हमलावर नहीं रुके और कार में सवार लोगों के साथ मारपीट की। इस हमले में दो लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों की संख्या 10-12 के बीच थी और वे लाठी-डंडों समेत अन्य हथियारों से लैस थे। घटना के समय सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ गई।
आरोपी फरार, पुलिस अलर्ट पर
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और पूरे जिले में नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके।
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल ने घटना को बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और आरोपियों को जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद जहां ब्रिगेडियर जोशी के परिवार में शोक की लहर है, वहीं स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क पर बढ़ती गुंडागर्दी अब जानलेवा होती जा रही है और इस पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।