केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में बुधवार को मतदान की शुरुआत सुबह 8 बजे ठंडी रही। पहले आधे घंटे में पोलिंग बूथों पर कम मतदाता पहुंचे, लेकिन बाद में दोपहर के समय मतदाताओं में उत्साह देखा गया। मतदान शाम 6 बजे तक शांति पूर्वक संपन्न हुआ।
उपचुनाव के दौरान 57.64 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में यहां 59 प्रतिशत और 2022 में 66.4 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार लगभग 9 प्रतिशत कम मतदान हुआ है, जो भाजपा के लिए चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इतिहास में कम मतदान होने पर पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है। केदारनाथ घाटी में इस बार यात्रा आदि कारणों से जनता में असंतोष था, जिसका असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है।
यहां खास बात यह भी है कि निर्दलीय प्रत्याशी और UKD के वोट कितने काटते हैं, यह देखना अहम होगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी का असर और भाजपा के उभरते नेताओं की चुनावी महत्वाकांक्षाएं भी परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं।
मतदान आंकड़े:
जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ गहरवार के अनुसार, केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में कुल 90,875 मतदाताओं ने वोट डाले। इनमें 45,956 महिला और 44,919 पुरुष मतदाता थे। इस उपचुनाव में कुल 53,526 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिनमें से 28,329 महिला और 25,197 पुरुष थे। चुनाव अधिकारी ने बताया कि सभी पोलिंग बूथों पर शांतिपूर्वक मतदान हुआ और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
अब सभी पोलिंग पार्टियां वापस लौटने लगी हैं, और चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के बाद कल सुबह 9 बजे 7 पोलिंग पार्टियां अगस्त्यमुनि के पोलिंग बूथ पर पहुंच जाएंगी।


