कालिंदी पास के मुकाबले केदारताल क्षेत्र में भौगोलिक परिस्थितियां कठिन, एसडीआरएफ और निम की टीम खोजबीन में जुटी
केदारताल क्षेत्र में तलाश अभियान तेज, संकरी घाटी बनी बाधा
उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित केदारताल इलाके में लापता पर्वतारोहियों की तलाश के लिए 4000 मीटर की चुनौतीपूर्ण ऊंचाई पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन के मुताबिक, यह पूरा इलाका एक बेहद संकरी घाटी में स्थित है, जिसके कारण रेस्क्यू टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने एसडीआरएफ (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) के 10 संयुक्त सदस्यों वाली एक विशेष टीम को हेलीकॉप्टर के जरिए प्रभावित स्थान के समीप उतार दिया है। यह टीम सुबह से ही व्यापक खोज अभियान में जुट जाएगी।
गंगोत्री नेशनल पार्क की टीम निचली घाटियों और गुफाओं में करेगी खोज
हवाई मार्ग से उतारी गई टीम के साथ-साथ गंगोत्री नेशनल पार्क का दस्ता भी नीचे की ओर से तलाशी अभियान चलाएगा। पार्क की टीम उन सभी प्राकृतिक खोह, गुफाओं और छिपने के स्थानों की पड़ताल करेगी, जहां पर्वतारोही सुरक्षा के लिहाज से शरण ले सकते हैं।
कालिंदी खाल अभियान से अलग है केदारताल की स्थिति
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि पिछले माह कालिंदी पास (कालिंदी खाल) ट्रेक पर फंसे ट्रैकर्स के लिए चलाए गए अभियान और केदारताल के रेस्क्यू में बड़ा अंतर है। कालिंदी खाल का इलाका खुला और चौड़ा था, जिससे वहां हेलीकॉप्टर आसानी से उतर सका था। खुले क्षेत्र के कारण फंसे हुए लोग और बचाव दल एक-दूसरे को आसानी से देख पा रहे थे। इसके विपरीत, केदारताल की संकरी घाटी के कारण विजिबिलिटी और लैंडिंग दोनों चुनौतीपूर्ण हैं।
मौसम साफ रहने की उम्मीद से राहत कार्य में मिलेगी गति
प्रशासन को उम्मीद है कि मंगलवार को मौसम साफ रहेगा, जिससे खोज अभियान में तेजी आएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो अन्य विशेषज्ञ टीमों की सेवाएं भी ली जाएंगी।





