स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा- समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता से बच सकती है अनमोल जान
देहरादून। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रदेशवासियों से रक्तदान को एक व्यापक जनआंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा से जुड़ा बेहद पुनीत कार्य है, जो किसी भी संकटग्रस्त व्यक्ति को नई जिंदगी दे सकता है। उन्होंने चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, नियमित रक्तदाताओं और सामाजिक संस्थाओं को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों में सुदृढ़ ब्लड ट्रांसफ्यूजन नेटवर्क जरूरी
स्वास्थ्य मंत्री ने रेखांकित किया कि रक्त का कोई कृत्रिम निर्माण संभव नहीं है और इसकी उपलब्धता नागरिकों की संवेदनशीलता पर टिकी है। गंभीर बीमारियों, हादसों, प्रसव के दौरान होने वाले रक्तस्राव, थैलेसीमिया तथा बड़ी शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के समय सुरक्षित रक्त की तत्काल उपलब्धता बेहद निर्णायक होती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे विषमताभरे पहाड़ी राज्य में दूरस्थ क्षेत्रों तक समय पर सुरक्षित रक्त पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।
युवाओं से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान
सुबोध उनियाल ने निस्वार्थ भाव से जीवन बचाने वाले नियमित रक्तदाताओं की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे इसे केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखकर अपनी स्थायी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाएं। पात्र और स्वस्थ नागरिकों की भागीदारी से राज्य में रक्त की किल्लत को समाप्त किया जा सकता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण
प्रदेश सरकार राज्य में रक्त संग्रहण, जांच, कंपोनेंट सेपरेशन, सुरक्षित भंडारण और वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने में डिजिटल प्लेटफॉर्म भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने रेडक्रॉस, एनएसएस, एनसीसी, पुलिस, सशस्त्र बलों, सरकारी व निजी ब्लड बैंकों तथा स्वयंसेवी संगठनों से लगातार रक्तदान शिविर आयोजित करने की अपील की। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड में रक्त के अभाव में किसी की जान न जाए। सुबोध उनियाल ने कहा, “रक्तदान महादान है। आपका कुछ मिनट का समय किसी जरूरतमंद को नया जीवन और उसके परिवार को जीवनभर की खुशियां दे सकता है।”



