होली पर्व के बाद श्री दरबार साहिब में रौनक बढ़ने लगी है। संगतों का आगमन तेज हो गया है और मेला बाजार की दुकानों की सजावट के साथ वातावरण में एक नई चमक आ गई है। मेला में लगने वाले झूलों को कारीगरों ने पूरी तरह से तैयार कर लिया है। अब यह कहना गलत नहीं होगा कि श्री दरबार साहिब की रौनकें चार चांद लग चुकी हैं। देशभर के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान से श्रद्धालु शनिवार शाम तक श्री दरबार साहिब पहुंचने लगे हैं।
श्री झंडा जी मेला: एक पवित्र अवसर
श्री झंडा जी मेला आयोजन समिति के अनुसार, इस साल लाखों श्रद्धालु श्री दरबार साहिब में पवित्र श्री झंडे जी (ध्वज दण्ड) के दर्शन के लिए जुटेंगे। यह मेला 06 अप्रैल 2025 को रामनवमी के दिन समाप्त होगा। इस अवसर पर संगतों को विशेष लंगर प्रसाद और धार्मिक आयोजन का लाभ मिलेगा।
शनिवार को श्री दरबार साहिब में नियमित पूजा-अर्चना के बाद, श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने संगतों को दर्शन दिए और सभी देशवासियों को श्री झंडा जी मेले की बधाई दी। उन्होंने आयोजन समिति के पदाधिकारियों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की पूरी तैयारी
मेला आयोजन समिति ने श्री दरबार साहिब में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए 42 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। साथ ही, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम मेला अस्पताल में सेवा देने के लिए सोमवार से उपस्थित रहेगी। मेला स्थल पर 25 फायर एक्सटिंग्विशर लगाए गए हैं, और सुरक्षा के लिए 35 वर्दीधारी गार्ड्स और 500 स्वंयसेवक नियुक्त किए गए हैं।
नए ध्वज दण्ड की यात्रा
रविवार, 16 मार्च 2025 को एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, बाम्बे बाग से संगतें नए ध्वज दण्ड को कंधे पर उठाकर श्री दरबार साहिब के लिए प्रस्थान करेंगी। इस यात्रा का आयोजन श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज की अगुवाई में किया जाएगा। यह यात्रा टीएचडीसी चैक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल और लाल पुल चैक होते हुए श्री दरबार साहिब पहुंचेगी। इस पवित्र अवसर पर देश-विदेश से संगतें श्री दरबार साहिब पहुंच चुकी हैं।



