धराली आपदा पर भद्दी टिप्पणियों से आहत जनभावनाएं, सोशल मीडिया पर धार्मिक उकसावे की निंदा

धराली में आपदा के बाद चल रहा राहत कार्य, कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर फैला रहे नफरत; कार्रवाई की उठी मांग


उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने तबाही मचा दी है। गंगोत्री धाम से लगभग 20 किलोमीटर पहले खीरगंगा नदी में अचानक आई बाढ़ से कई मकान, होटल और बाजार तबाह हो गए। अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 150 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।

जहां एक ओर पूरा देश धराली के लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास की प्रार्थना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ असामाजिक तत्व इस त्रासदी पर भी नफरत फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X.com पर “हुसनै 72” नामक पेज द्वारा की गई विवादास्पद पोस्ट में इस आपदा को ‘अल्लाह का न्याय’ बताया गया। पोस्ट में उत्तराखंड में पूर्व में बुलडोजर कार्रवाई का हवाला देते हुए आपदा को धार्मिक नजरिए से जोड़ा गया, जिससे जनभावनाएं आहत हुई हैं।

इसी तरह, “अली सोहराब” नामक यूजर ने धराली आपदा के वीडियो को ‘कुदरत का बुलडोजर’ करार दिया। इस पोस्ट पर ‘साद अंसारी’ नामक एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह वही उत्तराखंड है जहां पिछले साल मुसलमानों को परेशान किया गया था।” जब एक अन्य व्यक्ति ने ट्वीट हटाने की सलाह दी, तो उसे भी ताना मारते हुए जवाब दिया गया।

इन घटनाओं पर अनेक जागरूक नागरिकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और उत्तराखंड पुलिस व प्रशासन से अपील की है कि ऐसे उकसाऊ और भ्रामक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वर्तमान में प्रशासन राहत कार्यों में व्यस्त है, लेकिन संभावना है कि आपदा नियंत्रण के बाद इस तरह की भड़काऊ गतिविधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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