कला वर्ग के रिक्त पदों पर अतिथि प्रवक्ताओं की तैनाती, शैक्षणिक गतिविधियों को मिलेगी गति
देहरादून। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा विभाग ने दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू बनाने के लिए 599 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। ये नियुक्तियां कला वर्ग के विभिन्न विषयों में रिक्त पदों के सापेक्ष की जाएंगी। राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस बाबत जानकारी दी और बताया कि सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
कला वर्ग में प्रवक्ताओं की नियुक्ति
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने विज्ञान विषयों की भांति अब हिन्दी, भूगोल, अर्थशास्त्र, नागरिक शास्त्र और इतिहास जैसे कला वर्ग के विषयों में भी अतिथि शिक्षकों की तैनाती का निर्णय लिया है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है, और विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. रावत ने बताया कि सामान्य शाखा में 511 और महिला शाखा में 88 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति होगी। सामान्य शाखा में हिन्दी के 125, इतिहास के 59, नागरिक शास्त्र के 130, अर्थशास्त्र के 130 और भूगोल के 67 पदों पर नियुक्तियां होंगी। वहीं, महिला शाखा में हिन्दी के 25, भूगोल के 8, अर्थशास्त्र के 20, नागरिक शास्त्र के 20 और इतिहास के 15 पद भरे जाएंगे।
जिलावार नियुक्तियों का विवरण
सामान्य शाखा के अंतर्गत चमोली में 69, रुद्रप्रयाग में 46, पौड़ी में 119, टिहरी में 54, देहरादून में 2, हरिद्वार में 1, उत्तरकाशी में 17, अल्मोड़ा में 58, नैनीताल में 21, बागेश्वर में 23, पिथौरागढ़ में 64, चम्पावत में 29 और ऊधमसिंहनगर में 8 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
महिला शाखा के तहत चमोली में 13, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में 1-1, पौड़ी में 13, टिहरी, देहरादून और नैनीताल में 2-2, अल्मोड़ा में 19, बागेश्वर में 6, पिथौरागढ़ में 10, चम्पावत में 5 और ऊधमसिंहनगर में 14 शिक्षकों की तैनाती होगी।
शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों से दुर्गम और अति दुर्गम विद्यालयों में पठन-पाठन में सुधार होगा। स्थानीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी और शैक्षणिक गतिविधियां तेज होंगी। यह कदम राज्य के शैक्षिक भविष्य को सुदृढ़ बनाने में सहायक होगा।



