उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद अब गुजरात में भी इसकी कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए यूसीसी का मसौदा विधेयक तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई करेंगी।
રાજ્યમાં સમાન સિવિલ કાયદાની આવશ્યકતા ચકાસવા અને કાયદાનો મુસદ્દો તૈયાર કરવા સુપ્રીમ કોર્ટના નિવૃત્ત ન્યાયાધીશ શ્રીમતી રંજનાબેન દેસાઈની અધ્યક્ષતામાં પાંચ સભ્યોની કમિટીની રચના કરવાનો મહત્ત્વપૂર્ણ નિર્ણય કર્યો છે.
આ કમિટી તમામ પાસાઓનો અભ્યાસ કરીને પોતાનો અહેવાલ 45 દિવસમાં સોંપશે… pic.twitter.com/Q3vmb27klM
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) February 4, 2025
मुख्यमंत्री पटेल ने बताया कि यह समिति राज्य में यूसीसी की आवश्यकता का आकलन करेगी और इसके मसौदा विधेयक को तैयार करने का काम करेगी। समिति को अपनी रिपोर्ट 45 दिनों के अंदर सरकार को सौंपनी होगी। समिति के अन्य सदस्य हैं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सीएल मीणा, अधिवक्ता आरसी कोडेकर, पूर्व कुलपति दक्षेश ठाकर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्रॉफ।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे का कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों को पूरा करने की दिशा में गुजरात लगातार काम कर रहा है। यह कदम पीएम मोदी द्वारा पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता के बारे में किए गए उल्लेख के अनुरूप है।
गौरतलब है कि हाल ही में उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। अब गुजरात में भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जो राज्य में सामाजिक और कानूनी समानता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।



