प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 5 फरवरी को प्रयागराज के महाकुंभ में पहुंचकर संगम में डुबकी लगाई। वीआईपी घाट के पास उन्होंने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री मोदी का काफिला पहले डीपीएस स्कूल स्थित हेलिपैड पर पहुंचा, जहां से वह अरैल घाट के वीआईपी घाट के लिए रवाना हुए। इसके बाद उन्होंने नाव के जरिए संगम नोज तक यात्रा की। इस दौरान हजारों श्रद्धालु पीएम मोदी के दर्शन के लिए उपस्थित थे।

महाकुंभ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एनएसजी और एसपीजी कमांडो ने चप्पे-चप्पे पर नजर रखी, जबकि बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ सुरक्षाकर्मी लोगों की जांच कर रहे थे। शहर के एंट्री पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग की गई है और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। संगम क्षेत्र में भीड़ की निगरानी के लिए एआई कैमरों का उपयोग किया जा रहा है, और पीएसी तथा आरएएफ की भारी तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी को हुई थी और यह 26 फरवरी तक चलेगा। अब तक 38 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। इनमें देश-विदेश से कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस धार्मिक आयोजन में आस्था की डुबकी लगाई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोल्डप्ले के गायक क्रिस मार्टिन, हॉलीवुड अभिनेत्री डकोटा जॉनसन, और स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने भी महाकुंभ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
महाकुंभ के मौनी अमावस्या स्नान के दिन 29 जनवरी को भगदड़ मच गई थी, जिसमें 90 श्रद्धालु घायल हो गए थे और 30 की मृत्यु हो गई थी। इस घटना पर राजनीतिक बहस जारी है, और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना में मारे गए श्रद्धालुओं के सही आंकड़े जारी करने की मांग की है। पूजा आयोजक दीपु पांडा ने प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया है कि वे भगदड़ में मारे गए श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि दें और उनके परिवारों को राहत प्रदान करें।
यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी महाकुंभ में आए हैं। 2019 के अर्धकुंभ में उन्होंने संगम स्नान के दौरान सफाईकर्मियों के पैर धोकर उनका सम्मान किया था और स्वच्छता अभियान को बढ़ावा दिया था। इस बार भी महाकुंभ में सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के संगम में डुबकी लगा सकें।
महाकुंभ के दौरान, 1 फरवरी को 77 देशों के 118 राजनयिकों और उनके परिवारों ने संगम में स्नान किया। इन विदेशी मेहमानों ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं की सराहना की और इसे अपने लिए एक यादगार अनुभव बताया।



