देहरादून सचिवालय में 25 बिंदु कार्यक्रम की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में 25 बिंदु कार्यक्रम की प्रगति का ब्योरा लिया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं की सफलता का आकलन सिर्फ आंकड़ों से नहीं, बल्कि आम जनता को मिल रहे धरातलीय लाभ से होना चाहिए।
पिरूल कलेक्शन और जन-सुविधाओं पर जोर
मुख्य सचिव ने पिरूल कलेक्शन योजना से जुड़े आंकड़े तैयार करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि इससे लाभार्थियों की आय में कितनी वृद्धि हुई और कितने लोगों को वित्तीय लाभ मिला, इसका सटीक ब्योरा सामने लाया जाए। इसके अलावा उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, सेग्रिगेशन और निस्तारण की पूरी प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
एसटीपी और सीवेज प्रबंधन की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
प्रदेश में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पेयजल सचिव को नियमित निगरानी के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि एसटीपी का संचालन उनकी पूरी क्षमता के अनुसार होना चाहिए। सभी एसटीपी के संचालन और मानकों की जांच के लिए एक केंद्रीकृत और प्रभावी रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम बनाने के निर्देश दिए गए।
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को व्यावसायिक संस्थानों और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में स्वयं के एसटीपी निर्माण के नियमों का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया है।
अतिक्रमण और पार्किंग व्यवस्था पर सख्त निर्देश
सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि खाली कराई गई जगहों पर दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत किया जाए। पार्किंग परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने लंबित कार्यों में तेजी लाने और राह में आ रही रुकावटों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
मासिक समीक्षा और समस्याओं का समाधान
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को 25 पॉइंट कार्यक्रम की मासिक स्तर पर अनिवार्य रूप से समीक्षा करने को कहा। उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान जिन क्षेत्रों में प्रगति धीमी पाई जाए, वहां कारणों की पहचान कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, मनुज गोयल, रोहित मीणा और नवनीत पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



